दोनों खेमों में तलाशे जा रहे विभीषण
मेरठ। नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में पार्षदों के बीच सेंधमारी की जानकारी के लिए भाजपा और महापौर के सर्वदलीय पार्षद खेमे ने समीक्षा शुरू कर रखी है। कार्यकारिणी सदस्य अब्दुल गफ्फार का कहना है कि वार्डवार समीक्षा हो रही है। पता लगाया जा रहा है कि किसने कहां गड़बड़ी की है। भाजपा का डर दिखाकर जीतने वाले कुछ पार्षदों ने चुनाव में भाजपा का ही साथ देकर जनता के साथ धोखा किया है।
शनिवार को हुए नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्यों के चुनाव में भाजपा ने चार सदस्य जिताकर कार्यकारिणी पर कब्जा कर लिया। सर्वदलीय पार्षद दल के सदस्यों को केवल 39 वोट हासिल हुए। इस खेमे से सपा के दो पार्षद इकरामुद्दीन और नाजरीन ही विजयी हुए। बसपा के धर्मवीर सिंह अप्रत्याशित रूप से चुनाव हार गए।
चुनाव बाद हो रही समीक्षा में अब विभीषण की तलाश की जा रही है। ये तलाश एक तरफ नहीं बल्कि जीतने वाले दल भाजपा की ओर से हो रही है। भाजपा के पास चार सदस्य जिताने के लिए 56 वोट थे लेकिन सदस्यों को 54 वोट मिले। दो पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की है। भाजपा संगठन इनकी तलाश में जुटा है।
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युवा सेवा समिति का दावा, क्रॉस वोटिंग नहीं की
युवा सेवा समिति के अध्यक्ष नईम सागर ने पत्र जारी कर कहा कि कार्यकारिणी चुनाव में महापौर के कहने पर उनके पार्षद शहजाद मेवाती ने इकरामुद्दीन, सऊद फैजी, इरफान अहमद और अकरम शाह ने नाजरीन को वोट दिया। महापौर का हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना पूरी तरह अनुचित है।