नगर निगम के लिए सिरदर्द बन सकता है यूजर चार्ज
मेरठ। महानगर में घर-घर से कूड़ा उठाना नगर निगम प्रशासन के लिए चुनौती है। नगर निगम के पास जरूरत के मुताबिक गाड़ियां नहीं हैं। ऐसे में आधी अधूरी व्यवस्था के बीच यूजर चार्ज लगाया जाना निगम प्रशासन के लिए सिरदर्द बन सकता है।
महानगर के सभी वार्डों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम प्रशासन को प्रत्येक वार्ड में कम से कम दो गाड़ियां देनी होंगी। इसके बाद ही योजना परवान चढ़ सकती है। वहीं, नगर निगम ने इस आधी अधूरी व्यवस्था के बीच यूजर चार्ज वसूलने का निर्णय किया है। यह निगम प्रशासन के लिए सिरदर्द बन सकता है। नियमानुसार बगैर सुविधा दिए शुल्क नहीं वसूला जा सकता है। महानगर में 90 वार्ड हैं। प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या करीब 20 से 22 हजार है। निगम प्रशासन का मानना है कि एक गाड़ी प्रतिदिन कम से कम पंद्रह सौ घरों से कूड़ा ले सकती है। इस हिसाब से प्रत्येक वार्ड को दो-दो गाड़ियों की जरूरत है। हालांकि नगर निगम के पास इतने संसाधन नहीं हैं। ऐेसे में नगर निगम द्वारा तैयार योजना महज औपचारिकता दिखती है। महानगर में एक वर्ष से डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी संचालित हैं। हालांकि मॉनिटरिंग के अभाव में ये गाड़ियां प्रतिदिन 50 से 70 घरों का कूड़ा इकट्ठा करती हैं। इसके बाद इन्हें जगह-जगह खड़ा कर दिया जाता है। इतना ही नहीं लोगों से कूड़ा लेकर गाड़ी में डालने के लिए एक-एक कर्मचारी तैनात हैं। हालांकि वे कंडक्टर सीट पर विराजमान रहते हैं। निगम प्रशासन की निगरानी के अभाव में शहर की व्यवस्था सुधरने की बजाय बिगड़ती जा रही है।
नई गाड़ियों की नहीं हुई डिलीवरी
निगम प्रशासन ने 50 नई गाड़ियां खरीदी हैं। इनमें से 25 गाड़ियां लॉकडाउन के दौरान पहुंच गईं परंतु बाकी अभी तक नहीं पहुंच पाई हैं। जिस कारण निगम प्रशासन की कार्ययोजना के अनुरूप महानगर के प्रत्येक घर से प्रतिदिन कूड़ा उठाया जाना बाकी है। फिलहाल नगर निगम लगभग 130 कूड़ा गाड़ियों से डोर टू डोर कूड़ा उठवा रहा है। इनके डीजल पर निगम का खजाना तो साफ हो रहा है परंतु शहर नहीं।
नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया का कहना है कि एक जुलाई से सभी वार्डों में दो-दो गाड़ियां डोर टू डोर कूड़ा उठाने में लगा दी जाएंगी। घर-घर से कूड़ा उठाने का चार्ट तैयार कर लिया है।