छानबीन में पता चला कि 26 जून को संतलेश उसे उपचार के लिए शाहदरा लेकर गई। वहां से 27 जून को उसे वापस लेकर खरखौदा पहुंची। खरखौदा बाईपास पर संतलेश का प्रेमी सौरभ और उसके दो साथी मिले। सौरभ ने नशे की गोलियां मिलाकर शराब धर्मवीर को दे दी। इससे धर्मवीर को अधिक नशा हो गया था। इसके बाद संतलेश समेत चारों आरोपी बाइक पर धर्मवीर को बैठाकर असरा की ओर जाने वाले रास्ते पर काली नदी के पुल पर पहुंचे। यहां धर्मवीर को नशे की हालत में बाइक से उतारा और संतलेश ने उसे काली नदी में धक्का दे दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने के कारण मौत की पुष्टि हुई है।
पत्नी ने कराई घटनास्थल की निशानदेही
धर्मवीर की पत्नी संतलेश की गिरफ्तारी के बाद खरखौदा थाना पुलिस उसे लेकर काली नदी के पुल पर भी पहुंची। वहां पर घटनास्थल की निशानदेही कराई गई। इसमें संतलेश ने बताया कि उसने धर्मवीर को कैसे धक्का दिया था। संतलेश को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि प्रेमी और उसके दो साथी फरार हैं।
पिता की हत्या, मां जेल में, बेसहारा हुई तीन बेटियां
धर्मवीर के परिवार में उसकी तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी 10 वर्षीय कृतिका, दूसरी नौ वर्षीय अंशु और तीसरी चार वर्षीय मुनमुन है। धर्मवीर तीनों बेटियों व पत्नी के साथ अपने छह भाइयों से अलग रहता था। धर्मवीर की हत्या के बाद बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। मां के जेल जाने के बाद उन्हें संभालने वाला भी कोई नहीं है। हालांकि परिवार के लोग उन्हें दिलासा दे रहे हैं।
मम्मी कहती थी पापा को रास्ते से हटा देंगे : कृतिका
इस प्रकरण के बाद बड़ी बेटी कृतिका अपनी मां को कोस रही है। वह बार-बार कह रही थी कि उसकी मम्मी हर समय फोन पर सौरभ से बात करती थी। वह कई बार कह चुकी थी कि पापा को रास्ते से हटाकर सभी आराम से रहेंगे। उसने कई बार मम्मी संतलेश और सौरभ को बातचीत करते हुए भी सुना था।
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