सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और परिजनों के अनुरोध के बाद शवों का पंचनामा भर कर उन्हें बिना कार्रवाई के परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद शुक्रवार को बेहद गमगीन माहौल में दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इकलौता पुत्र था आर्यन
आठ साल का आर्यन अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था। उससे बड़ी उसकी एक दस साल की बहन है। आर्यन की मौत के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। उसकी मां बार बार उसे याद करके बेसुध हुई जा रही थी। परिजन उस घड़ी को कोस रहे थे जब वह खेलने के लिए घर से निकला था। दो बच्चों की मौत के बाद गांव में चूल्हा तक नहीं जला।
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