दुहाई में डिपो से सामान ट्रकों के माध्यम से आसानी से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस से हरियाणा की ओर भी जा सकेगा। वहीं, मोदीपुरम में डिपो बनने के बाद सामान हरिद्वार, देहरादून, मुजफ्फरनगर से भेजा और लाया जा सकेगा।
दिसंबर में टेंडर प्रक्रिया होगी समाप्त
एनसीआरटीसी डिपो और कार्यशाला के लिए दिसंबर में ही प्रक्रिया को समाप्त कर देगा। इसके लिए वेबसाइट पर डॉक्यूमेंट अपलोड कर दिया गया है। दो दिसंबर से बोली लगाने की शुरुआत कर दी जाएगी। वहीं, नौ दिसंबर को बोली खोली जाएंगी। इसके बाद एनसीआरटीसी टेंडर पर जांच करने के बाद कंपनी को टेंडर अवार्ड कर देगा। इससे साफ है कि जनवरी-2022 से मोदीपुरम में डिपो और कार्यशाला बनाने की शुरुआत हो जाएगी।
रैपिड और मेट्रो की होगी मरम्मत
डिपो और कार्यशाला बन जाने के बाद मोदीपुरम से परतापुर तक चलने वाली मेट्रो की मरम्मत का कार्य किया जा सकेगा। वहीं, इसके अलावा रैपिड रेल की मरम्मत में उपयोग की जाने वाली अन्य तकनीक भी मोदीपुरम डिपो में शामिल होंगी। इससे कार्यशाला और डिपो में लोगों को रोजगार मिलेगा।
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