समय से पहले पहुंचने पर खुश हुए यात्री।
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मेरठ-लखनऊ वंदे भारत का रविवार से नियमित संचालन शुरू हो गया। पहले दिन यह ट्रेन लखनऊ से चलकर मेरठ आई, जो निर्धारित अवधि से 32 मिनट पहले ही मेरठ सिटी स्टेशन पहुंच गई। लखनऊ से मेरठ तक की 458 किलोमीटर की दूरी 7.15 घंटे में तय करना निर्धारित था, मगर पहले दिन ट्रेन 6:43 घंटे में ही मेरठ पहुंच गई। पहले दिन 211 लोगों ने लखनऊ से मेरठ तक और 10 लोगों ने बरेली से मेरठ तक सफर किया।
लखनऊ से वंदे भारत अपने निर्धारित समय 2:45 बजे चली। बरेली इसे 6:02 बजे पहुंचना था, लेकिन ट्रेन 17 मिनट पहले 5:45 बजे ही पहुंच गई। हालांकि वहां से 6:06 बजे चली। मुरादाबाद 7:32 बजे बजाय चार मिनट पहले पहुंच गई। मेरठ सिटी स्टेशन पर इसके पहुंचने का समय रात्रि दस बजे निर्धारित है, मगर ट्रेन 32 मिनट पहले 9:28 बजे ही पहुंच गई। इससे यात्रियों के चेहरे खिल उठे।
आज मेरठ से चलेगी, 196 सीटें बुक
सोमवार को वंदे भारत मेरठ से लखनऊ के लिए चलेगी। रविवार देर रात तक एसी चेयरकार की 180 सीट व एग्जीक्यूटिव क्लास की 16 सीटें बुक हुई थीं। देर रात तक चेयरकार की 350 और एग्जीक्यूटिव में 36 सीटें खाली थीं। वंदेभारत में यात्रियों की क्षमता 530 है।
अयोध्या होकर वाराणसी तक चलाने की मांग
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के अयोध्या से वाराणसी तक चलवाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। सांसद अरुण गोविल ने इस संबंध में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे के जीएम शोभन चौधरी को पत्र लिखकर ट्रेन को वाया अयोध्या होकर चलवाने की मांग की है। पत्र में मेरठ-लखनऊ के बीच इस ट्रेन को चलवाने के लिए पीएम मोदी और रेलमंत्री का आभार जताया। साथ ही अनेक संगठनों व प्रतिष्ठित नागरिकों से मिले सुझाव को देखते हुए विस्तार करने की मांग की।
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