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यूपी: मेरठ में हालात खराब, कई अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म, केएमसी में डेढ़ घंटे रही अफरातफरी, तड़पते रहे मरीज

Mon, 26 Apr 2021 04:46 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत से मरीजों में अफरातफरी और इसके बाद सिलिंडर के लिए मारामारी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
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मेरठ में अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से अफरातफरी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत से मरीजों में अफरातफरी और इसके बाद सिलिंडर के लिए मारामारी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार से शुरू हुआ ऑक्सीजन की कमी का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले मंगलवार को हापुड़ रोड स्थित संतोष अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। शनिवार देर रात आनंद अस्पताल में ऐसे ही हालात पैदा हो गए। रविवार को दिन में संतोष अस्पताल में एक बार फिर यहीं संकट पैदा हो गया तो रात में केएमसी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से हड़कंप मच गया। लोकप्रिय और न्यूटिमा में भी ऑक्सीजन की कमी के बाद मरीजों को शिफ्ट किया गया। गणपति अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

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मेरठ के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत जहां कोरोना के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है, वहीं तीमारदारों की सांसें भी जब-तब अटक रही हैं। रविवार आधी रात केएमसी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इससे यहां भर्ती 163 मरीजों की सांसें फूलने लगीं। प्रशासन की मदद से 26 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराए गए। इससे कुछ राहत मिली। 20 सिलिंडर और मंगाए जा रहे थे। 

ऑक्सीजन खत्म होने की जानकारी मिलते ही मरीजों के तीमारदार और परिजन भी परेशान हो गए और सिलिंडर लेकर अस्पताल पहुंच गए। इस बीच प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गए। सीएमओ ने बताया कि ऑक्सीजन आ गई है। यहां से किसी मरीज को शिफ्ट नहीं किया गया है। 
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देर रात ही लोकप्रिय और न्यूटिमा अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी हो गई। लोकप्रिय अस्पताल से उन चार मरीजों को सुभारती अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा है, जिन्हें ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत है। इसी दौरान न्यूटिमा में ऑक्सीजन की कमी होने पर वहां ऑक्सीजन भिजवाई गई। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि वहां अभी ज्यादा परेशानी नहीं है। 

इससे पहले दिन में हापुड़ रोड स्थित संतोष अस्पताल में एक बार फिर ऑक्सीजन की कमी हो गई और यहां भर्ती 54 मरीजों में से 15 दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। ऑक्सीजन की कमी होने पर मंगलवार को भी अस्पताल से 12 मरीज शिफ्ट किए गए थे। एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा ने भी बताया कि अस्पताल से 15 गंभीर हालत वाले मरीजों को एनसीआर अस्पताल में शिफ्ट कराया गया है।

इसके अलावा आनंद अस्पताल से पांच और मरीज शिफ्ट किए गए। यहां से कुल 15 मरीज शिफ्ट किए गए हैं। शनिवार देर रात 10 मरीज आर्यावर्त अस्पताल भेजे गए थे। रविवार देर रात तक यहां 143 मरीज भर्ती थे। अस्पताल के मैनेजर मुनीष पंडित ने बताया कि रविवार को कोई नया मरीज भर्ती नहीं किया है। रात में भी दिक्कत नहीं होगी। इसके लिए सिलिंडर मंगा लिए हैं लेकिन सोमवार सुबह तक अगर और व्यवस्था नहीं हुई तो दिक्कत हो सकती है। साथ ही गणपति अस्पताल से भी दो मरीजों को शिफ्ट कराया गया है। 

रविवार दोपहर संतोष अस्पताल के कर्मचारियों ने तीमारदारों को बुलाकर कहा कि कुछ घंटे बाद ऑक्सीजन खत्म हो जाएगी। ऐसे में बेहतर है कि वे मरीजों को कहीं दूसरी जगह ले जाएं। इससे तीमारदारों में अफरातफरी मच गई। अस्पताल प्रबंधन ने प्रशासन के अधिकारियों को भी ऑक्सीजन की कमी की जानकारी दी तो मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कराने की कवायद शुरू हो गई। हालांकि इसके साथ ही ऑक्सीजन की भी व्यवस्था की गई और गंभीर हालत वाले मरीजों को ही दूसरे अस्पताल भेजा गया। देर शाम तक बाकी मरीजों का इलाज यहीं किया जा रहा है।

इस बीच कई तीमारदार खुद ही ऑक्सीजन सिलिंडर की तलाश में जुट गए। कोई बाइक पर तो कोई गाड़ी में सिलिंडर लेने दौड़ पड़ा। कई सिलिंडर लेकर आ गए। कई लोगों ने फोन करके एंबुलेंस बुला ली, दूसरे अस्पतालों में फोन करके बेड की स्थिति पता करने लगे। 

बेबस परिजन बोले- अब क्या करें
गाजियाबाद के साहिबाबाद से आए जयवर्धन मलिक ने बताया कि उन्होंने चाचा कीर्तिवर्धन को 21 अप्रैल को भर्ती कराया था। 23 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। जयवर्धन ने बताया कि उनके बहनोई मनोज धामा भी 22 अप्रैल की रात से यहीं भर्ती हैं। रविवार को अस्पताल कर्मचारियों ने बोल दिया कि ऑक्सीजन की कमी हो गई है, मरीज को दूसरी जगह ले जाइए। जयवर्धन का कहना था कि मोटा बिल ले लिया और अब कह रहे हैं कि दूसरी जगह ले जाओ। 

दिल्ली से आए रतन जैन और सतपाल जैन ने बताया कि उनकी बहन राजुल जैन की शादी शास्त्री नगर में हुई है। वे यहीं पर भर्ती हैं। कहीं से एक सिलिंडर की व्यवस्था की। अब अस्पताल कर्मचारी कह रहे हैं कि दूसरी जगह ले जाओ। कहां जाएं, हर जगह बेड फुल हैं। सतपाल ने बताया कि वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवधन के क्षेत्र हैं लेकिन वहां भी अस्पतालों में बेड नहीं हैं। 

गंगानगर के अश्वनी ने बताया कि चार दिन पहले उन्होंने अपने साले अजय को यहां भर्ती कराया था। दो दिन से उसकी कोई देखभाल नहीं हो रही है। पानी भी घंटों-घंटों नहीं दिया जा रहा है। आज कह दिया कि ऑक्सीजन नहीं है, कहीं और ले जाओ। अजय की हालत खराब हो गई। नीरज राठी ने बताया कि उनके सुसर दीमार सिंह को एल-3 वेंटिलेटर की सुविधा चाहिए थी लेकिन कहीं नहीं मिली।
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बाउंसर ने तीमारदार को पीटा
सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के गेट पर बाउंसर खड़े थे। जब तीमारदार अपनों का हाल लेने पहुंचे तो बाउंसर ने तीमारदार के साथ मारपीट कर दी। विरोध में तीमारदारों ने हंगामा कर दिया और इससे माहौल खराब हो गया। बाउंसरों की अभद्रता की शिकायत सीएमओ से भी भी की गई है। 

केएमसी अस्पताल में डेढ़ घंटे अफरातफरी
केएमसी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने की सूचना पर करीब डेढ़ घंटे अफरातफरी रही। बताया गया कि अस्पताल में अनाउंसमेंट किया गया कि ऑक्सीजन खत्म हो गई है, अपने-अपने मरीज शिफ्ट करा लें। इससे हड़कंप मच गया। केएमसी के चेयरमैन का कहना है कि किसी मरीज के तीमारदार ने एनाउंसमेंट किया था। सीएमओ का कहना है इस बारे में सही जानकारी जुटाई जा रही है। सीएमओ का कहना यह भी है कि यहां ऑक्सीजन बेहतर तरीके से इस्तेमाल नहीं की जा रही थी। वहीं केएमसी प्रबंधन का कहना है कि व्यवस्था दुरुस्त थी, इसीलिए किसी मरीज को शिफ्ट नहीं किया गया।
 
जेपी अस्पताल ने सरेंडर किया कोविड सेंटर
ऑक्सीजन की कमी से शहर के निजी अस्पतालों में खुले कोविड सेंटर अपने सेंटर सरेंडर करने लगे हैं। रविवार को रोहटा रोड स्थित जेपी हॉस्पिटल ने सीएमओ को फोन कर समस्या की जानकारी दी। ई-मेल के जरिए स्पष्ट कर दिया कि कोविड के साथ इमरजेंसी मरीजों का भी अस्पताल प्रबंधन ऑक्सीजन की कमी के चलते मदद करने में असमर्थ है।

जेपी हॉस्पिटल में 20 बेड का कोविड सेंटर संचालित था। अस्पताल प्रबंधक प्रदीप शर्मा ने बताया कि शनिवार शाम 5:00 बजे से रविवार सुबह 6:00 बजे तक फिलिंग सेंटर पर खड़े रहने के बाद मात्र तीन सिलिंडर उपलब्ध हो पाए। आपात स्थिति एंबुलेंस और अन्य अस्पतालों से सहयोग से अस्पताल में भर्ती सभी 20 मरीजों की जान रविवार दोपहर 3:00 बजे तक के लिए बचा ली गई। रविवार सुबह मरीजों और तीमारदारों को अन्य किसी स्थान पर व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया।

निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराई ऑक्सीजन 
कई निजी अस्पतालों को प्रशासन ने ऑक्सीजन उपलब्ध कराई है। कोशिश है मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट न करना पड़े। अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता एडीएम सिटी और एडीएम प्रशासन देख रहे हैं। - डॉ. पूजा शर्मा, एसीएमओ

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