ओलंपिक के पदक विजेता खिलाड़ियों को लखनऊ में 42 करोड़ की राशि बांटी गई, जबकि पैरालंपियन खिलाड़ियों को मेरठ में 32 करोड़ की राशि वितरित की थी। मोदीपुरम के कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह राशि वितरित की थी।
कॉमनवेल्थ गेम्स में पिछले साल अगस्त में पदक जीतकर लौटी मेरठ की एथलीट बेटी प्रियंका गोस्वामी ने रजत पदक, अन्नु रानी ने भाला फेंक में कांस्य व मेरठ की होने वाली बहू दिव्या काकरान ने कांस्य पदक दिलाया था। प्रियंका को रजत पदक के 75 लाख रुपये, अन्नु रानी व दिव्या को कांस्य पदक के लिए 50-50 लाख रुपये की धनराशि वितरित होनी थी। चार माह बीतने के बावजूद अभी तक खिलाड़ियों के खातों में न तो रकम आई है और न ही उनके राशि के लिए कोई फोन आया है।
यह राशि कब तक उनके खातों में आएगी इसका भी कुछ अता-पता नहीं है। दिव्या काकरान के पिता सूरजवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय की ओर से कोई निर्देश नहीं आए हैं। जबकि उन्होंने कई बार खेल निदेशालय में संपर्क करने की भी कोशिश की।
अन्नु रानी के भाई उपेंद्र चौधरी ने बताया कि कॉमनवेल्थ की राशि तो अभी मिली नहीं है। इसके अलावा भी कई अंतरराष्ट्रीय स्तरीय स्पर्धाओं की रकम अन्नु रानी को नहीं मिली है। प्रियंका गोस्वामी के पिता मदनपाल गोस्वामी ने बताया कि हरियाणा सरकार ने चार दिन बाद ही खिलाड़ियों को पदक की राशि दे दी है, लेकिन हमारे यहां देरी कर दी। खिलाड़ियों को जल्द ये राशि मिलनी चाहिए।