सांसद अरुण गोविल ने कहा कि महानगर में सफाई व्यवस्था और दस साल से कूड़ा निस्तारण प्लांट न होना समस्या रहा है। बनारस, गोरखपुर के बाद कूड़ा प्लांट मेरठ में लगने की प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री द्वारा दी गई बड़ी सौगात है।
परीक्षितगढ़ रोड स्थित गांवड़ी में कूड़े से कोयला बनाने वाले प्लांट का बुधवार को शिलान्यास किया गया। भूमि पूजन के बाद सांसद और विधायकों ने एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम द्वारा लगाने वाले प्लांट की सराहना की।
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प्लांट के लिए पूजन करते भाजपा नेता।
- फोटो : अमर उजाला
सांसद अरुण गोविल ने कहा कि महानगर में सफाई व्यवस्था और दस साल से कूड़ा निस्तारण प्लांट न होना समस्या है। बनारस, गोरखपुर के बाद कूड़ा प्लांट मेरठ में लगने की प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री द्वारा दी गई बड़ी सौगात है। महापौर और मेरठ के जनप्रतिनिधियों के तमाम प्रयास से यह सफलता मिली है।
सांसद अरुण गोविल ने कहा कि जिस महानगर में हम रहते हैं, वह साफ रहना चाहिए। देर से सही, लेकिन कूड़ा निस्तारण प्लांट मेरठ वासियों के लिए बड़ी सौगात है। महापौर ने बताया है कि 300 करोड़ की लागत से 900 मैट्रिक टन कूड़ा प्लांट लगने का अनुबंध हुआ है। बनारस और गोरखपुर नगर निगम में एनटीपीसी ने कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया हुआ है।
शहर के बाहरी इलाके में (दिल्ली रोड पर मंगतपुरम, हापुड़ रोड पर लोहियानगर और परीक्षितगढ़ रोड पर गांवड़ी गांव) कूड़े के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और दस साल से कूड़े का निस्तारण न होना बड़ी समस्या थी। जिसको लेकर डेढ़ साल से महापौर हरिकांत अहलूवालिया केंद्र और राज्य में नेतागण, अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। एक सप्ताह पहले एनटीपीसी और नगर निगम के बीच अनुबंध हुआ है।
बुधवार को गांवड़ी में कूड़ा प्लांट का भूमि पूजन करने का कार्यक्रम हुआ। इसमें महापौर हरिकांत अहलूवालिया, सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, विधायक अमित अग्रवाल, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज, कमिश्नर सेल्वा जे. कुमारी, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार और पार्षदगण मौजूद रहे।
अब नगर निगम का बारी
एनटीपीसी के अनुबंध के बाद अब नगर निगम की बारी है। एनटीपीसी को दी गई 15 एकड़ जमीन की चाहरदीवारी, एप्रोच रोड, वाटर सप्लाई और बिजली का ट्रांसफार्मर लगाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। कूड़े से ईंट-पत्थर, मलबा, नालों की सिल्ट अलग करने की प्री-प्रोसेसिंग करने की मशीन निगम लगाएगा। निगम को करीब 20-25 करोड़ रुपये खर्च करना है। प्लांट चालू होने से पहले निगम व एनटीपीसी को कई विभागों से एनओसी लेना अनिवार्य है। दो साल में एनटीपीसी ने प्लांट चालू करने की बात कही है।
एनटीपीसी के अधिकारी नहीं पहुंचे
नगर निगम, पार्षद और भाजपा के तमाम नेतागण गांवड़ी में मौजूद थे। भूमि पूजन में एनटीपीसी का अधिकारी या फिर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। जिसको लेकर पार्षदों और निगम के अधिकारियों में चर्चा रही। अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि एनटीपीसी के अधिकारियों से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने एक मीटिंग का हवाला देकर भूमि पूजन में आने से मना कर दिया था। हालांकि, भूमि पूजन का यह कार्यक्रम नगर निगम ने ही रखा हुआ था।