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यूपी: भाजपा ज्वॉइन करने के सवाल पर कुख्यात उधम सिंह ने कही ये बात, पढ़िए और क्या कहा...

Sat, 17 Jul 2021 03:50 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

कुख्यात उधम सिंह ने बीजेपी पार्टी ज्वॉइन करने का दावा किया है। पढ़िए उधम सिंह ने और क्या कुछ कहा है।
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कुख्यात उधम सिंह - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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जेल से छूटे कुख्यात उधम सिंह ने राजनीति की बिसात बिछानी शुरू कर दी है। वहीं आज उधम सिंह के गांव करनावल में एक कार्यक्रम रखा गया। उधम सिंह ने दावा किया है कि वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गया है।

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उधर, भाजपा ज्वॉइन करने के सवाल पर उधम सिंह ने कहा कि वह तो पहले से ही पार्टी शामिल हैं। उसने बताया कि दो साल पहले से मेरी पत्नी चेयरमैन हैं। वहीं रंगदारी मांगने के सवाल पर कहा कि अगर कोई मेरे नाम से रंगदारी मांगता है तो पुलिस को कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। उधम सिंह ने अगर मैं दोषी पाया जाता हूं तो पुलिस मेरे खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। साथ ही कहा कि मुझे विश्वास है कि पुलिस मेरे खिलाफ अब फर्जी मुकदमे दर्ज नहीं करेगी।

योगेश भदौड़ा और उधम सिंह के बीच चली गैंगवार
कुख्यात योगेश भदौड़ा और उधम सिंह के बीच लंबी गैंगवार चली। करीब दस साल तक खूनखराबा हुआ। उधम सिंह पर गंभीर अपराधों की धाराओं में 45 से ज्यादा मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। इनमें कई मुकदमे कोर्ट में विचाराधीन भी हैं। एक सप्ताह पहले उधम सिंह जमानत पर बाराबंकी जेल से बाहर आया है। उधम सिंह का कहना है कि अब उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। वह राजनीति में शामिल होकर ग्रामीणों की मदद करना चाहता है। 
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उसकी पत्नी पुष्पा करनावल से चेयरमैन हैं। जेल में रहते ग्रामीणों ने उसकी पत्नी को जिताया। इसके बदले में अब वह ग्रामीणों की मदद करेगा। उधम सिंह का दावा है कि अब वह गांव में ही रहेगा और कोई अपराध नहीं करेगा। क्षेत्र के लोगों की सेवा करने के लिए वह भाजपा में शामिल होना जा रहा है।

गीतांजलि ने उधम सिंह से नाता तोड़ा 
करीब सात साल तक उधम सिंह की पत्नी बताकर उसकी पैरवी करने वाली गीतांजलि ने शुक्रवार को एक प्रेस नोट जारी किया। इसमें गीतांजलि ने दावा किया कि 2016 से उसका उधम सिंह से कोई वास्ता नहीं है। अब वह उधम सिंह व उसके गैंग से जुड़े बदमाशों और उसके संबंधियों से नाता तोड़ चुकी हैं। उधम सिंह का साथ देने से उसके बच्चों पर खराब असर पड़ा है। अपराध की दुनिया छोड़कर अब वो अपने बच्चों का कॅरियर बनाना चाहती है। सात साल मैने जो किया है, उसका मुझे पछतावा है। 

गीतांजलि मुझसे विदेश चलने की बात कह रही थी, लेकिन मैंने मना कर दिया। जेल में रहते हुए ग्रामीणों ने मेरी पत्नी को चेयरमैन बनाया है। अब मैं गांव में रहकर लोगों की मदद करूंगा। गीतांजलि गांव में आ सकती है। उसका जो अधिकार है, वह मैं देने के लिए तैयार हूं। अब मेरी किसी से कोई रंजिश नहीं है।

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