दुल्हन पक्ष के लोगों ने उनसे नाराजगी का कारण पूछा। दूल्हे के पिता ने कहा दहेज में कुछ भी समान नहीं है। इस पर दुल्हन पक्ष के लो लोग उन्हें मकान की दूसरी तरफ ले गए जहां बाइक सहित दहेज का सभी सामान सजा था। आरोप है कि दहेज के सामान से असंतुष्ट दूल्हे के पिता ने दुल्हन के बाप की काफी बेइज्जती की। इस पर दोनों पक्षों के लोगों में तनाव बढ़ गया।
दुल्हन को पिता की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई और उसने निकाह करने से साफ इंकार कर दिया। दोनों पक्षों के बीच गरमा गरमी को देखकर ग्रामीण एकत्र हो गए, जिन्होंने दूल्हे और उसके पिता, बिचौलिए सहित पांच लोगों को बंधक बना कर अन्य बारातियों को लौटा दिया।
पूरी रात जद्दोजहद चलती रही, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया। सोमवार की सुबह हुई पंचायत में दूल्हे पक्ष पर दुल्हन पक्ष को पूरा खर्च देने का जुर्माना लगाया गया। दूल्हे पक्ष के लोगों ने भी सारा खर्च देने की बात स्वीकार की, तब जाकर मामले का निपटारा हुआ।
कुछ लोग थाने आए थे। उन्होंने लेनदेन का विवाद होने पर बरात लौटने और समझौता होने की बात बताई थी। समाज हित में कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही थी। इसके बाद दोनों पक्ष लौट गए थे। - जनक सिंह चौहान, थाना प्रभारी।