ये है पूरा मामला
सरधना सीएचसी पर चार दिन पूर्व सलावा निवासी तीस वर्षीय एक महिला राखी पत्नी श्रवण की नसबंदी कराई गई थी। वहीं सीएचसी पर उसकी हालत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां उसकी उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह मौत हो गई। बताया गया कि महिला के परिजनों को उसकी नसबंदी का प्रमाण पत्र भी नहीं दिया गया। इस मामले में शुक्रवार सुबह आशाओं ने नसबंदी में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सीएचसी पर तैनात प्रभारी डॉ. अमित कुमार त्यागी ने आशाओं से बातचीत नहीं की और उनकी समस्या को बिना सुने ही पुलिसबल बुला लिया। इस दौरान आशाओं ने सीएचसी के गेट का ताला जड़ दिया। इस दौरान घंटों तक हंगामा हुआ।
वहीं सूचना मिलने पर सीओ आरपी शाही ने थानाध्यक्ष बृजेश कुमार को मौके पर भेजा और मामला शांत कराने के निर्देश दिए। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष से आशाओं ने सीएचसी प्रभारी को मौके पर बुलवाने की मांग की, लेकिन सीएचसी प्रभारी कक्ष से बाहर नहीं निकले। इस दौरान पुलिस फोर्स ने आशाओं को सीएचसी के गेट से हटा दिया। इसके बाद आशा कार्यकत्री एकत्रित होकर विधायक संगीत सोम के कैंप कार्यालय पहुंची। हालांकि इस दौरान संगीत सोम कार्यालय पर नहीं मिले तो फोन पर उनसे बात की।
इसके बाद आशा फिर से सीएचसी पहुंची। इस दौरान सलावा के ग्राम प्रधान अजय उर्फ बंटी सोम काफी संख्या में ग्रामीणों के साथ सीएचसी पहुंचे और दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान वहां हंगामा खड़ा हो गया। आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने सीएचसी प्रभारी के साथ अभद्रता कर दी और ग्रामीण सीएचसी प्रभारी को थाने ले गए।
बताया गया कि अभी थाने में तहरीर नहीं दी गई है। फिलहाल मामले में तनाव बना हुआ है और ग्रामीणों में सीएचसी प्रभारी व अन्य स्वास्थ कर्मियों के प्रति रोष व्याप्त है।