मेरठ में मिट्टी खनन के मामलों में ठेकेदार मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। वैध अनुमति के नाम पर अवैध खनन हो रहा है, लेकिन खनन विभाग ही नहीं संबंधित जिम्मेदारी अधिकारी भी आंखे मूंदे बैठे है। एक मीटर तक खनन की अनुमति की आड़ में ठेकेदार तीन मीटर तक खनन कर रहे हैं। वहीं जिस खेत में पहले से खनन हो चुका है, उसमें दोबारा खनन की अनुमति तक दी जा रही है।
बिना अनुमति के तो खनन हो ही रहा है, लेकिन जहां अनुमति है, वहां भी मानक से ज्यादा खनन हो रहा है। पिछले दिनों अमर उजाला ने डालूहेड़ा में चल रहे खनन पर रिपोर्ट प्रकाशित की। इसके बाद पता चला कि यहां अनुमति से ज्यादा खनन हुआ है। इस खेत से पहले ही अवैध खनन हो चुका था। खनन विभाग ने बिना निरीक्षण किए यहां खनन की अनुमति दे दी।