यह खबर उनके लिए नसीहत भरी है जो बेटी को कमतर आंकते हैं। महज चार साल की बेटी ने आज अपने 75 साल के पिता को मुखाग्नि देकर मिसाल कायम कर दी। श्मशान घाट में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बच्ची बार-बार रोकर अपने मामा और अन्य परिजनों से पूछ रही थी कि पापा कहां चले गए। अब मुझे बाहर घुमाने कौन ले जाएगा, मेरे लिए चॉकलेट कौन लाएगा।
शास्त्रीनगर निवासी सेल्स टैक्स विभाग से सेवानिवृत्त देवेंद्र त्यागी के हंसते-खेलते परिवार पर सात साल पहले कहर टूटा। अगस्त 2018 में बेटे की ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई। उसके एक बेटी थी। एक महीने बाद ही उनकी शादीशुदा बेटी की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
उसने अपने पीछे छोटे-छोटे दो बेटे छोड़े। इस संकट के समय में देवेंद्र के दामाद और उनकी बहू ने उनसे दूरी बना ली। देवेंद्र के साले राजीव त्यागी ने बताया कि कुछ दिन बाद दामाद और बहू ने शादी कर ली और तीनों बच्चों को साथ लेकर अलग रहने लगे।