योगेश को जाटों का, खटीक को गुर्जरों का सहारा
हस्तिनापुर सीट पर भी भाजपा के मंत्री दिनेश खटीक और सपा प्रत्याशी योगेश वर्मा के बीच कड़ा मुकाबला नजर आया। योगेश वर्मा को जाट मतदाताओं ने ताकत दी तो दिनेश खटीक को गुर्जरों ने सहारा दिया है। यह सुरक्षित सीट है। जाटव मतों में योगेश बड़ी सेंध लगाते नजर आए तो अन्य अनुसूचित जातियां खटीक की तरफ दिखीं। मुस्लिम योगेश के साथ लामबंद होता नजर आया तो अति पिछड़ी जातियों का रुझान खटीक की तरफ रहा।
सिवालखास में किसान आंदोलन का असर
सिवालखास सीट पर सपा-रालोद गठबंधन और भाजपा प्रत्याशी मनिंदरपाल सिंह के बीच कड़ा मुकाबला है। यहां जाट और मुस्लिम मतदाताओं की जुगलबंदी ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ाई हैं। भाजपा ने यहां विधायक जितेंद्र सतवाई का टिकट बदलकर मनिंदरपाल सिंह को उतारा था। मनिंदर के पक्ष में यहां भाजपा के परंपरागत वोटर के साथ अतिपिछड़ी जातियां लामबंद हैं। मेरठ जिले की इस सीट पर किसान आंदोलन का सबसे ज्यादा असर है।
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संगीत की धुन के बीच साइकिल ने पकड़ी रफ्तार
सरधना सीट पर भाजपा प्रत्याशी संगीत सोम और सपा के अतुल प्रधान के बीच कड़ी टक्कर नजर आई। ठाकुर चौबीसी के 24 गांवों में संगीत के लिए जबरदस्त रुझान दिखा तो गुर्जर और जाट बहुल गांवों में सपा के अतुल प्रधान की साइकिल दौड़ती नजर आई। मुस्लिम मतों में यहां कांग्रेस के रिहानुद्दीन सेंध नहीं लगा सके। बसपा के संजीव धामा जाट मतों पर खास प्रभाव नहीं डाल पाए। दलितों और सैनी बिरादरी के कुछ मतों में भी सपा ने सेंध लगाई है।