बागपत लोकसभा की सीट है सिवालखास
सिवालखास सीट बागपत लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। यहां से रालोद प्रमुख चौधरी जयंत सिंह के दादा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और जयंत के पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह कई बार सांसद रहे हैं। पिछला लोकसभा चुनाव जयंत ने इसी सीट से लड़ा था, हालांकि वे एक कड़े मुकाबले में भाजपा सांसद डॉक्टर सतपाल सिंह से हार गए थे। जयंत इस सीट को हर हाल में अपनी पार्टी के लिये चाहते हैं। यहीं वो पेंच है जो निकल नहीं पा रहा है।
नहीं सुलझा मामला तो हो सकती है फ्रैंडली फाइट
अगर मंगलवार को ये मामला नहीं निपटा तो पार्टी अपने-अपने सिंबल पर प्रत्याशी घोषित कर सकती है। ऐसे में दोनों दलों के बीच फ्रैंडली फाइट होने की नौबत रहेगी। हालांकि ऐसा होने का फायदा गैर गठबंधन प्रत्याशी उठा सकते हैं।
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जाटों को साधना होगा मुश्किल
रालोद को टिकट नहीं मिलने की स्थिति में जाट मतदाताओं को संभालना रालोद के लिए मुश्किल हो सकता है। जाट नेताओं का कहना है कि जनपद में उन्हें भी कोटे की एक सीट चाहिए। पहले इस सीट से रालोद पांच बार विजयी रहा है। परिसीमन के बाद 2012 में सुरक्षित से सामान्य हुई सीट पर रालोद प्रत्याशी विजयी तो नहीं हुआ लेकिन, 2012 में दूसरे और 2017 में तीसरे नंबर पर रहा था।