गंगा एक्सप्रेस वे का मैप।
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120 किमी घंटे की होगी डिजायन स्पीड
गंगा एक्सप्रेस-वे को शुरुआत में छह लेन और आगे चलकर आठ लेन तक विस्तारित किया जाएगा। इसकी डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रतिघंटा होगी। एक्सप्रेस-वे पर विभिन्न स्थानों पर नौ जनसुविधा परिसरों को विकसित किया जाएगा। दो स्थानों पर मुख्य टोल प्लाजा (मेरठ और प्रयागराज) जबकि रैम्प टोल प्लाजा 15 स्थानों पर प्रस्तावित हैं। गंगा नदी पर (960 मीटर) और रामगंगा नदी पर (720 मीटर) जैसे बड़े सेतु का निर्माण भी होगा।
शाहजहांपुर के जलालाबाद तहसील के पास 3.50 किमी लंबे हवाई पट्टी का निर्माण होगा। गंगा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के दौरान चार प्रमुख विभागों से मिलने वाली 153 अनापत्तियां में से 141 को प्राप्त कर लिया गया है। गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण में आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर और अडाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी बड़ी कंपनियां हैं।
उत्तर प्रदेश फिलहाल देश में सर्वाधिक एक्सप्रेस-वे वाला राज्य है। यहां 6 एक्सप्रेस-वे संचालित हैं, जबकि 7 निर्माणाधीन हैं। भारत के शीर्ष 10 लंबे एक्सप्रेस-वे में भी प्रदेश के चार एक्सप्रेस-वे पहले से ही हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे के संचालन के साथ शीर्ष 10 में यूपी के पांच एक्सप्रेस-वे शामिल हो जाएंगे।
मेरठ में भूड़बराल तक पहुंची रैपिड, जून तक बेगमपुल तक लाने की तैयारी
देश की पहली रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की रैपिडएक्स नमो भारत का मोदीनगर साउथ से मेरठ साउथ स्टेशन भूड़बराल तक ट्रायर रन के बाद मार्च तक मेरठ साउथ तक ट्रेन का संचालन शुरू करने की तैयारी है। दूसरे खंड में ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। स्टेशनों पर प्रवेश और निकासी द्वार बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।
दूसरे खंड में मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ और मेरठ साउथ हैं। अंतिम स्पैन की स्थापना के साथ मेरठ साउथ तक वायडक्ट का निर्माण पूरा करने के बाद अब इस खंड में ट्रैक बिछाने, ओएचई स्थापना, सिग्नलिंग और टेलीकॉम व इलेक्ट्रिकल विभिन्न निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि मार्च तक साहिबाद स्टेशन से मेरठ साउथ स्टेशन तक यात्रियों के साथ ट्रेन के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।
लॉजिस्टिक हब। फाइल फोटो
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2164 करोड़ से बनेगा सीएलपी, 1480 करोड़ से बनेंगी सड़कें
मेरठ शहर के विकास के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान (सीएलपी) अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी (यूएमटीसी) ने तैयार किया है, जो 2164 से बनेगा। इसमें मौजूदा आबादी 24.15 का आकलन करते हुए साल 2042 में अपेक्षित संसाधन और मौजूदा स्थिति के तहत यातायात, ट्रांसपोर्ट, रोड सेफ्टी, उपलब्धता का खाका खींचा गया।
इसमें एग्रो बेस्ड यूनिट, कॉटन टेक्सटाइल्स, रेडीमेड कपड़े, फर्नीचर, शुगर इंडस्ट्रीज, पेपर मिल, मिनरल, मेटल इंजीनियरिंग आदि उद्योगों को भी शामिल किया गया। इन सभी उद्योग और इंडस्ट्री में होने वाला 30 हजार 205 टन का उत्पादन 2042 में बढ़कर 64 हजार 111 टन होने की संभावना है। इसे अब महायोजना-2031 के अंतर्गत तैयार किया गया है।