उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में शुक्रवार को एक गिरोह का खुलासा हुआ है। आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) में फिंगर प्रिंट क्लोनिंग के जरिये सेंधमारी कर खातों से रुपये उड़ाने वाले गिरोह को साइबर सेल पुलिस ने दबोच लिया। गिरोह का सरगना मुरादाबाद का उमर है। उसके इशारे पर आधार कार्ड और अंगूठे के निशान गिरोह के सदस्य जुटाते थे। मोबाइल पर एक-दूसरे से संपर्क कर गिरोह चल रहा था। एक आरोपी बंधन बैंक दिल्ली में कर्मचारी है।
एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि बसा टीकरी गांव निवासी शिव कुमार के खाते से पिछले दिनों 1.40 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। पीड़ित की जानकारी पर साइबर सेल ने जांच शुरू की। शुक्रवार को बसा टीकरी गांव से नितिन, विकास, वाजिद के अलावा मीतली मार्ग से मुरादाबाद के महमूदपुर माफी निवासी उमर और संभल के मोहल्ला ठेर निवासी पराग गर्ग को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह का सरगना उमर है। वाजिद दिल्ली में बंधन बैंक में कर्मचारी है।
पुलिस के अनुसार गिरोह किसी व्यक्ति के आधार कार्ड की छाया प्रति और किसी कागज पर बहाने से अंगूठे का निशान ले लेता था। इसके बाद मशीन के जरिये अंगूठे का क्लोन तैयार किया जाता था। क्लोन तैयार होने पर आधार इनेबल सिस्टम के जरिये उमर संबंधित व्यक्ति के खाते से रुपये निकाल लेता था।
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एएसपी मनीष मिश्रा का कहना है कि कितने लोगों को गिरोह ने निशाना बनाया है, इसकी जांच की जा रही है। जिले में दर्ज होने वाला इस तरह का यह पहला मामला है। एसपी अभिषेक सिंह, एडीएम अमित कुमार सिंह और एएसपी मनीष मिश्रा ने साइबर सेल टीम की सराहना की। सर्विलांस प्रभारी नितिन पांडेय, कांस्टेबल रक्षित कुमार और ललित मोरल ने इस केस पर काम किया।
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