प्रश्नपत्र की अवधि को मात्र डेढ़ घंटे रखा जाएगा तथा छात्रों को प्रश्नपत्र में दिए गए 10 प्रश्नों में से किन्ही 3 प्रश्नों का उत्तर देने की स्वतंत्रता होगी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
इसी के मद्देनजर पिछले दिनों विद्यार्थियों के प्री बोर्ड और छमाही के अंक अपलोड कराए गए थे। विद्यार्थियों ने कक्षा 11 में वार्षिक परीक्षा के जो लिखित और प्रायोगिक परीक्षा में अंक प्राप्त किए थे, उन्हें भी अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। लिखित परीक्षा के 70 अंक और प्रोजेक्ट के 30 अंक निर्धारित हैं।
निर्णय विद्यार्थियों के हित में
यह निर्णय विद्यार्थियों के हित में है। क्योंकि परिस्थितियां परीक्षा कराने के अनुकूल नहीं हैं। - डॉ वीर बहादुर सिंह, प्रिंसिपल, केके इंटर कॉलेज
होनहार बच्चों को होगा नुकसान
इंटर की परीक्षाएं रद्द कराने का निर्णय हालात के हिसाब से तो सही है। हालांकि इसमें होनहार बच्चों को नुकसान हो सकता है। इंटर की परीक्षाएं जरूर होनी चाहिए थीं। - सुशील कुमार, प्रिंसिपल, डीएन इंटर कॉलेज
निर्णय स्वागत योग्य
पढ़ाई न होने से विद्यार्थी सही से तैयारी नहीं कर पाए थे। ऑनलाइन पढ़ाई से ज्यादा विद्यार्थी जुड़ नहीं पाए थे। इस निर्णय स्वागत योग्य है। - फतेह चंद, प्रिंसिपल, राजकीय इंटर कॉलेज