एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत मेरठ में छह सरकारी चिकित्सालयों-सीएचसी समेत 29 अस्पतालों ने आवेदन किया है, जिनमें से 24 फाइनल कर लिए गए हैं, बाकी का निरीक्षण कर उनकी व्यवस्था देखी जानी है, इसके बाद उसे हरी झंडी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह योजना धीरे-धीरे परवान चढ़ेगी। जो अधूरे चीजें हैं, उन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
आईएमए का नहीं मिला सहयोग
आईएमए का सहयोग न मिल पाने और निजी अस्पतालों द्वारा दूरी बनाए जाने के कारण सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी इस योजना में शामिल कर लिया गया था। आयुष्मान भारत योजना केअंतर्गत आने वाले मरीजों को कार्ड मुहैया कराए जाएंगे। इसके अलावा दौराला, मवाना और सरधना सीएचसी पर भी इसी तरह कार्ड केजरिए भी इलाज किया जाएगा। हालांकि इसके लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं की जा रही है। जिस तरह सामान्य तौर पर इन स्थानों पर मरीज इलाज के लिए आते हैं, उसी तरह आयुष्मान योजना के कार्ड धारकों का भी इलाज किया जाएगा।
मेरठ में दो लाख पांच हजार 70 परिवार किए गए चिन्हित गए हैं। इनमें 83 हजार 70 परिवार देहात और 1.22 लाख परिवार शहरी क्षेत्र के हैं। 2011 की आर्थिक और सामाजिक गणना की सूची के आधार पर बनाया गया है। इस सूची में ही गड़बड़ी है।
इस योजना के तहत सरकार करीब 10 करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक का कवर देगी। बीपीएल परिवार को 1352 तरह की जांच सर्जरी पांच लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी है। इसमें छुट्टी होने के बाद भी अस्पताल का खर्च शामिल है।
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