मोदीपुरम (मेरठ)। मोदीपुरम में रविवार सुबह से ही सूरज की तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, गर्मी ने विकराल रूप ले लिया और दोपहर तक लू के थपेड़ों ने हालात और मुश्किल बना दिए। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, मानो शहर थम-सा गया हो। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलते नजर आए, वह भी पूरी तैयारी के साथ। सिर पर कपड़ा, आंखों पर चश्मा और हाथ में पानी की बोतल।
अप्रैल के आखिरी दिनों में ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आसमान से बरसती आग और लू के थपेड़े ने दिनचर्या बदल दी। रविवार को तेज गर्मी के चलते बाजार में आम दिनों की तुलना में भीड़ काफी कम रही। सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों और खेतों में काम करने वाले किसानों को झेलनी पड़ रही है, जिनके लिए धूप से बचना आसान नहीं। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, क्षेत्र में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। यह सामान्य से काफी ज्यादा है। सोमवार से मौसम में हल्का बदलाव आने की संभावना जताई गई है। आंधी और बादल छाने से तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वैधशाला के अनुसार, अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री और न्यूनतम 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, एयर क्वालिटी इंडेक्स भी 242 तक पहुंच गया। यह स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।
इन लक्षणों का रखें ध्यान
गर्मी और लू के असर से तेज पसीने के कारण शरीर का पानी और जरूरी लवण कम हो जाते हैं। डिहाइड्रेशन की स्थिति से कमजोरी, चक्कर, उल्टी और थकान महसूस होती है। लंबे समय तक लू में रहने से मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है, खासकर उन लोगों को जो बाहर काम करते हैं। हालत बिगड़ने पर कई बार शरीर का तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंच जाता है। यह जानलेवा हो सकता है और तुरंत तत्काल उपचार जरूरी होता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए खतरा ज्यादा होता है।
ये बरतें सावधानी
- दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पीएं
- हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें
- सिर को टोपी या कपड़े से ढककर रखें