नौकरी छोड़कर घर पर ही शुरू की तैयारी
उदित पंवार ने 12वीं वेस्ट एंड रोड स्थित दीवान पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी गुवाहाटी से मेकेनिकल में बीटेक किया। एक साल प्राइवेट जॉब करने के बाद वह कई साल से घर पर रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे।
वह बताते हैं कि प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने के दौरान उनको महसूस हुआ कि सिविल सर्विसेज में जाकर जनहित में कार्य कर सकते हैं, इसलिए इस तरफ रुझान बढ़ा। उदित का कहना है कि नौकरी में रहकर वह आर्थित तौर पर कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई में सहयोग करना चाहते हैं।
कुछ कर गुजरने के संकल्प से मिली कामयाबी
डेरियो रछोती गांव निवासी सचिन कसाना बताते हैं कि उन्होंने मेरठ की सिविल एकेडमी से कोचिंग ली। सफलता का श्रेय एकेडमी के डायरेक्टर इंजीनियर अभिषेक शर्मा को दिया। कामयाबी के लिए रोजाना 8 से 10 घंटे कोचिंग की।
वह कहते हैं कि शुरू से ही सकारात्मक सोच रही। लगातार कड़ी मेहनत करते रहे कभी हिम्मत नहीं हारी। सोशल मीडिया पर वह ज्यादा सक्त्रिस्य नहीं रहे। हाई स्कूल और इंटर राजकीय इंटर कॉलेज से किया, ग्रेजुएशन मेरठ कॉलेज और पीजी एनएएस कॉलेज से किया।