इंस्पेक्टर लालकुर्ती बृजेश सिंह का कहना है कि आरोपियों ने सोतीगंज के कबाड़ी का नाम और गोदाम बताया है। उनकी जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के बाद एएसपी कैंट सूरज राय ने सोतीगंज में तीन कबाड़ियों के यहां दबिश दी, लेकिन कबाड़ी हत्थे नहीं चढ़े।
सिक्योरिटी की आड़ में चलता नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सिक्योरिटी की आड़ में वह वाहन चोरी का धंधा चला रहे थे। दिल्ली, गाजियाबाद व मेरठ में उनका नेटवर्क था। पहले भी वह कई वाहन चोरी करवा कर बेच चुके हैं। गार्डों से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में पुलिस जुट गई है।
दावे धड़ाम, साध ली चुप्पी
20 अक्टूबर को भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी कि सोतीगंज में चोरी व लूट के वाहनों का कटान हो रहा है। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति हुई और फिर सबने चुप्पी साध ली। नतीजा सोतीगंज में लूट और चोरी के वाहनों का कटान जारी है। बृहस्पतिवार को यह साबित भी हो गया।