बाइक बरामद।
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पंजाब के पटियाला की प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाला रंजीत एनएसजी में कमांडो था। परिवार के लोग भी रंजीत पर फख्र करते थे। कमांडो रहते हुए रंजीत बुरी संगत में पड़ गया और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। रंजीत को दस साल पहले एनएसजी से बर्खास्त कर दिया गया था। रंजीत की नजर सोना लूटने पर लगी रहती थी। उसने अपने गैंग के साथ मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, दिल्ली, हापुड़, सहारनपुर, बागपत, पंजाब व राजस्थान में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। एक मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई। उस मामले में वह फरार चल रहा है। राजस्थान के चुरू में 25 किलो सोना व आठ लाख रुपये लूटने के बाद रंजीत अपने साथी अमजद, शादाब व मोहाली के रहने वाले हनीस ठाकुर के साथ फरार हो गया था। बदमाशों को नहीं मालूम था कि सोने के जो पैकेट उन्होंने लूटे हैं, उनमे चिप लगी थी। राजस्थान पुलिस चिप की जीपीएस के माध्यम से बदमाशों की लोकेशन लेती रही। हनीस ठाकुर व शादाब को हिसार में पुलिस ने लूटे गए 25 किलो सोने व छह लाख रुपये, चार पिस्टल, एक कार, चाकू के साथ दबोच लिया था पर रंजीत व अमजद भाग निकले।