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मुठभेड़ की तस्वीरें: बर्खास्त कमांडो समेत दो बदमाश दबोचे, असलहा और सेना बरामद, खुले कई बड़ी वारदातों के राज

Wed, 11 Aug 2021 09:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

कई शहरों में लूट की वारदात को अंजाम दे चुके बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया। पकड़ा गया एक बदमाश एनएसजी का बर्खास्त कमांडो है।
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बिजनौर में मुठभेड़। - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस और बदमाशों के बीच मंडावर रोड पर मालन नदी के पास मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। एक सिपाही भी बदमाशों की गोली से घायल हुए। पुलिस ने बदमाशों से अमृतसर में डकैती के दौरान लूटा गया 300 ग्राम सोना बरामद किया है। बदमाश बिजनौर में यही सोना बेचने आए थे। इन्हीं बदमाशों ने 20 दिन पूर्व बिजनौर के मुथूट फिनकॉर्प फाइनेंस में सोना लूटने की कोशिश की थी, पर सफल नहीं हुए थे। पकड़ा गया एक बदमाश एनएसजी का बर्खास्त कमांडो है।

एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि मंगलवार को शहर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम मंडावर रोड पर चेकिंग कर रही थी। बाइक पर सवार दो बदमाशों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर पिस्टल से गोली चला दी। मालन नदी के पुल के पास बाइक छोड़कर बदमाश गन्ने के खेत में जा घुसे। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश घायल हो गए। दोनों के पैरों में गोली लगी। बदमाशों की गोली से सिपाही बादल ढाका भी घायल हो गया। सिपाही के कंधे में गोली लगी है। दरोगा जर्रार हुसैन ने बुलेट प्रुफ जैकेट नहीं पहनी होती तो बदमाशों की गोली उनके सीने में पार हो जाती। पकडे़े गए बदमाश पंजाब के पटियाला की प्रोफेसर कॉलोनी गली नंबर वन एच निवासी रंजीत उर्फ फौजी उर्फ कमांडो व मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव हरसौली निवासी अमजद हैं।
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मौके पर जांच करती टीम। - फोटो : amar ujala
इन्हीं बदमाशों ने 19 जुलाई को बिजनौर की सिविल लाइन में मुथूट फिनकॉर्प फाइनेंस में सोना लूटने की कोशिश की थी। अकेला रंजीत सोना लूटने गया था, अमजद मालती कॉलोनी में मौजूद था। रंजीत की गोली लगने से ही ठेला लगाने वाले होशराम की मौत हो गई थी। तभी से पुलिस इस गैंग की तलाश में थी। रंजीत एनएसजी का बर्खास्त कमांडो है। दोनों बदमाशों ने पुलिस को बताया कि उनके गैंग ने 14 जून को राजस्थान के चुरू में मणप्पुरम फाइनेंस से 25 किलो सोना लूटा था। दो साथी मुजफ्फरनगर निवासी शादाब व मोहाली पंजाब निवासी हनीश ठाकुर लूटे गए सोने के साथ हिसार में पकड़े गए थे। रंजीत व बाकी दो साथी हाथ नहीं आए थे। गैंग ने 21 मार्च को पंजाब के अमृतसर में सराफ के यहां डकैती डाली थी। रंजीत ने पांच साथियों के साथ इस घटना को अंजाम दिया था। अमृतसर की डकैती में लूटा गया 300 ग्राम सोना दोनों बदमाशों से बरामद किया गया है। इसके साथ ही दो पिस्टल, बाइक, बिजनौर में लूट के दौरान प्रयोग किए कपड़े बरामद किए हैं।
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मुठभेड़ में बदमाश गिरफ्तार - फोटो : amar ujala
सोना लूटने पर ही रहती थी रंजीत के गैंग की नजर
मुठभेड़ में दबोचे गए बदमाश रंजीत और अमजद की तलाश में राजस्थान व पंजाब पुलिस खाक छानती घूम रही थी। रंजीत को दस साल पहले एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो रहते हुए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर बर्खास्त किया गया था। इसके बाद रंजीत ने अपना गैंग बना लिया था और वारदातों को अंजाम देने लगा।

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बाइक बरामद। - फोटो : amar ujala
पंजाब के पटियाला की प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाला रंजीत एनएसजी में कमांडो था। परिवार के लोग भी रंजीत पर फख्र करते थे। कमांडो रहते हुए रंजीत बुरी संगत में पड़ गया और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। रंजीत को दस साल पहले एनएसजी से बर्खास्त कर दिया गया था। रंजीत की नजर सोना लूटने पर लगी रहती थी। उसने अपने गैंग के साथ मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, दिल्ली, हापुड़, सहारनपुर, बागपत, पंजाब व राजस्थान में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। एक मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई। उस मामले में वह फरार चल रहा है। राजस्थान के चुरू में 25 किलो सोना व आठ लाख रुपये लूटने के बाद रंजीत अपने साथी अमजद, शादाब व मोहाली के रहने वाले हनीस ठाकुर के साथ फरार हो गया था। बदमाशों को नहीं मालूम था कि सोने के जो पैकेट उन्होंने लूटे हैं, उनमे चिप लगी थी। राजस्थान पुलिस चिप की जीपीएस के माध्यम से बदमाशों की लोकेशन लेती रही। हनीस ठाकुर व शादाब को हिसार में पुलिस ने लूटे गए 25 किलो सोने व छह लाख रुपये, चार पिस्टल, एक कार, चाकू के साथ दबोच लिया था पर रंजीत व अमजद भाग निकले।
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पिस्टल बरामद। - फोटो : amar ujala
इसके बाद ये हिमाचल और उत्तराखंड में छिपे रहे। 21 मार्च को रंजीत, शादाब व हनीस समेत पांच बदमाशों ने अमृतसर में सराफ के यहां डाका डाला। अमजद उस समय जेल में बंद था। इस डकैती में 30 लाख कीमत का सोना लूटा गया। तब से पंजाब पुलिस के साथ राजस्थान पुलिस भी रंजीत व अमजद की तलाश में थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों बदमाशों पर 30-30 मुकदमे दर्ज हैं और उनकी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है।
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बिजनौर में हाथ में पिस्टल लेकर लूट की कोशिश करता आरोपी। - फोटो : amar ujala
लूट में विफल होने पर भाग गए थे हरिद्वार
पकड़े गए बदमाश अमजद की बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान में ससुराल है। वह ससुराल में खूब आता-जाता है। अमजद के कहने पर ही रंजीत 19 जुलाई को बिजनौर में मुथूट फाइनेंस में सोना लूटने गया था। दोनों बदमाश बकरीद से पहले रैकी करके गए थे। मुथूट फाइनेंस में विफल होने पर दोनों बदमाश बाइक से हरिद्वार भाग गए। मौके से भागने के बाद रंजीत ने ऐश्वर्य होटल के पीछे अपने कपड़े बदले। रंजीत ने पुलिस को बताया कि अमजद मालतीनगर में था। वहां से दोनों बदमाश हरिद्वार चले गए। हरिद्वार से मुंबई गए और कुछ दिन बाद वापस हरिद्वार आ गए। मंगलवार को दोनों बदमाश बाइक से बिजनौर में अमृतसर की डकैती का लूटा गया सोना बेचने आए थे। सोना बिका नहीं तो वापस हरिद्वार जा रहे थे। तभी पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने रंजीत के पास से बिजनौर की घटना के दौरान पहने लोअर, टीशर्ट व कैप, दोनों पिस्टल बरामद कर ली हैं। रंजीत ने पुलिस को बताया कि भागते समय उसे होशराम ने पकड़ लिया था। उसने पिस्टल से गोली लाई। उसे नहीं मालूम कि गोली होशराम को लगी या नहीं। रंजीत को मालूम था कि मुथूट फाइनेंस में मोटा सोना है। अमजद ने ही बिजनौर में लूट करने का रास्ता रंजीत को दिखाया था।
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एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला
इनाम देने की घोषणा
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने गैंग को दबोचने वाली टीम में शामिल शहर कोतवाल राधेश्याम, एसएसआई सुनील कुमार, दरोगा जर्रार हुसैन, सिपाही अरविंद, बादल ढाका, स्वॉट टीम के प्रभारी नरेश कुमार समेत पूरी टीम को इनाम देने की घोषणा की है।
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