2013 में हुआ था अपहरण और हत्या
करनावल निवासी राजेंद्र ने 11 फरवरी 2013 को सरूरपुर थाने में अपने बेटे पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप था कि अमरपाल और सोहनवीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुष्पेंद्र का अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और आरोपियों की निशानदेही पर श्मशान घाट में दबाया गया पुष्पेंद्र का शव बरामद किया था।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और उनके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुना।
सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने करनावल निवासी अमरपाल और सोहनवीर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड की राशि जमा न करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।