इसी दौरान सहारनपुर की ओर से ट्रेन भी आ गई। इससे वहां खड़ा ट्रक का चालक घबरा गया और कूदकर भाग गया। हालांकि काफी फासला होने के चलते कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। फाटक पर मौजूद गेट कीपर का कहना है कि उसने ट्रेन जाने के बाद 9.55 पर गेट खोला था।
तीन मिनट बाद 9.58 पर गाड़ी आने की सूचना आ गई। इस दौरान फाटक पर काफी ट्रैफिक आ चुका था। आनन फानन में गेट को बंद किया गया। ट्रक को रुकने का इशारा भी किया गया, लेकिन वह भीतर आ चुका था और दोनों तरफ के गेट बंद हो चुके थे।