22 अगस्त 2008 को कोतवाली पुलिस ने तिहरे हत्याकांड में 14 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो गई। अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुकदमे में रोजाना सुनवाई करने के आदेश दिए। दस जुलाई 2024 तक तक लगातार हर रोज सुनवाई हुई। इससे पहले इजलाल और दूसरे आरोपियों की तरफ की हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई गई, लेकिन प्रार्थना पत्र खारिज हुआ। 14 साल तक सभी को जेल में रहना पड़ा। 2023 में इजलाल पक्ष की तरफ से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई, 14 साल जेल में रहने के चलते जमानत मिल गई थी। सभी नौ आरोपी तब से बाहर थे।