फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चांदपुर में बिजनौर-बदायूं हाईवे के फोरलेन में पेड़ बने बाधा

Sun, 08 Jun 2025 11:50 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
चांदपुर। चांदपुर में बिजनौर-बदायूं मार्ग के निर्माणाधीन फोरलेन में वन विभाग के पेड़ व बिजली के पोल बाधक बने हुए हैं। तमाम प्रयास के बाद भी फोरलेन में आ रही बाधा दूर नहीं हो सकी है। जिस कारण निर्माण अब अटका हुआ है।
विज्ञापन

चांदपुर में बिजनौर बाईपास रोड पर रेलवे फाटक पर जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम से राहत देने के लिए वन विभाग ने पहल करते हुए बिजनौर-बदायूं मार्ग पर चांदपुर में करीब छह किलोमीटर लंबे फोरलेन निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन की 3761.55 लाख रुपये की स्वीकृति के बाद 23 जनवरी 2024 को गाजियाबाद की कंपनी मैसर्स जीएसआर इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को निर्माण कार्य का अनुबंध हुआ था। जनवरी 2025 तक निर्माण कार्य पूरा होना था।
निर्माण कार्य में बाधा बने वन विभाग के पेड
जेई जसवीर सिंह ने बताया कि फोरलेन निर्माण कार्य में चांदपुर आबादी क्षेत्र में वन विभाग के 734 पेड़ बाधा बने हुए हैं। वन विभाग ने पेड़ो की बाधा को दूर करने के लिए बदले में 7.2 हेक्टेअर भूमि की मांग की थी। जिसके एवज में लोक निर्माण विभाग को दी भूमि में से लगभग तीन हेक्टेअर भूमि को वन विभाग ने अस्वीकार कर दी है।
विज्ञापन

क्या निर्माण कार्य होगा
बिजनौर रोड फादरसन पब्लिक स्कूल से धनौरा रोड रिलायंस पेट्रोल पंप तक की सड़क अब सात मीटर की जगह 17.5 मीटर चौड़ी हो जाएगी। डिवाइडर के दोनों ओर करीब साढ़े आठ मीटर चौड़ी सड़क होगी। निर्माण के बाद यह हाईवे की शक्ल में दिखेगी। छह किमी लंबाई में सड़क के बीचोंबीच आधा मीटर चौड़ा डिवाइडर होगा।
विद्युत विभाग के पोल व ट्रांसफार्मर बने बाधा
फोरलेन निर्माण के बीच में आ रहे पोल व ट्रांसफार्मर को शिफ्ट कराने के लिए विद्युत विभाग को करीब तीन करोड़ रुपये दिए गए। लेकिन पोल व ट्रांसफार्मर अभी तक शिफ्ट नहीं हुए हैं।
क्या होगा फायदा-
शहर के प्रमुख मार्ग पर हर समय लगने वाले जाम से निजात मिल जाएगी। दिल्ली मेरठ के लिए दूरी कम के साथ ही खर्च भी कम होगा। इस मार्ग से बिजनौर, हस्तिनापुर, मेरठ, हल्दौर, नहटौर, गजरौला, हसनपुर, बदायू, जलीलपुर, बास्टा, फीना, नूरपुर मुरादाबाद, उत्तराखंड आदि स्थानों पर जाने के लिए रोजाना हजारों वाहन निकलते हैं। नगर की सुंदरता में भी बदलाव होगा।
अधिशासी अभियंता लोकनिर्माण विभाग हेमत प्रतापसिंह ने बताया कि वन विभाग की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने आपत्ति लगा दी थी। भारत सरकार से आपत्ति का निवारण करा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें