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मौत का सफर तय करके स्कूल पहुुंचते हैं मासूम, देखें तस्वीरें

Fri, 15 Sep 2017 10:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागपत, मदन बालियान
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बल्लियों के सहारे नदी पार करते मासूम बच्चे। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यमुना में नाव समाने से हादसे के बाद भी खतरा टला नहीं है। रहतना गांव में कृष्णा नदी पार खेतों में जाने के लिए ग्रामीणों ने बल्लियों का पुल बना रखा है। नदी में गिरकर डूबने से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी हैं। बल्लियों से गुजरकर किसान अपने खेतों में जाते हैं। बच्चों को बल्लियां के रास्ते ही स्कूल जाना पड़ता है। यहां हादसे को खुला न्यौता दिया जा रहा है। ग्रामीण पुलिया की मांग कर रहे हैं। लेकिन किसी ने समस्या नहीं सुनीं। 
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कृष्णा नदी के किनारे बसे रहतना गांव का दर्द भी जानिए। गांव के आधे से अधिक किसानों का रकबा नदी के दूसरी तरफ है। खेतों पर जाने के लिए एक पुलिया तीन किमी दूर बरनावा और दूसरी करीब ढाई किमी दूर रंछाड़ में है। फेर से बचने के लिए किसानों ने अपने गांव के सामने ही नदी के ऊपर बल्लियां गाड़कर रास्ता तैयार कर लिया है। हादसे को न्योता देने वाला यह रास्ता कई लोगों के लिए काल बन चुका हैं। नदी में गिरकर कई घायल हुए और कई ऐसे हैं, जिन्होंने बिस्तर पकड़ लिया। स्कूली बच्चे इन्हीं बल्लियों से बिनौली तक जाते हैं। वजह है कि बल्लियों का यह रास्ता शॉर्टकट है। 
ग्राम प्रधान भारतवीर कहते हैं कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गांव के सामने खेतों पर जाने के लिए पुलिया निर्माण की मांग कई बार की जा चुकी है। लेकिन सबने अनसुना किया। पुलिया जरूरी है ताकि किसानों को मुसीबत और मौत से बचाया जा सके। ग्रामीण धर्मवीर कहते हैं कि चुनाव के दौरान नेता आते हैं, जिन्हें अपनी पीड़ा बताई गई, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। गांव में दर्जनभर से अधिक लोग ऐसे हैं, जो नदी में गिर जाने की वजह से बिस्तर पर हैं।  
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एक घर के बुझ गए थे दो चिराग 

बल्लियों के सहारे नदी पार ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
करीब डेढ साल पहले बल्लियों के सहारे नदी पार कर रही स्कूली छात्रा मनीषा और उसका भाई वंश हादसे का शिकार हुए। दोनों नदी में गिर और उनकी मौत हो गई। यह अकेला मामला नहीं है, अन्य छात्र भी चोटिल हुए। ग्रामीण बताते हैं कि बच्चों को अब यहां से गुजरने से रोका जाता है, लेकिन इसके बावजूद बच्चे बल्लियों से स्कूल जाते हैं।  

ग्रामीण बोले, कराया जाए पुलिया का निर्माण
किसान सुरेंद्र, गोपी और सतपाल का कहना है कि दोनों पुलिया गांव से दूर है। खेतों पर आने जाने में इनसे करीब आठ किमी का फेर पड़ता है। यही वजह है कि किसान शॉर्टकट के रास्ते बल्लियों से खेतों में जाते हैं। प्रशासन को यहां पुलिया का निर्माण कराना चाहिए, ताकि हादसा न हो। किसानों के लिए केाई न कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी होनी चाहिए। 

जागरूक करेंगे, कराएंगे समाधान: डीएम 
डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कहा कि रहतना प्रकरण की जानकारी जुटाई जाएगी। लोगों को जागरूक किया जाएगा। किसानों की मदद की जाएगी। अन्य इलाकों में भी जहां नदी पार कर किसान खेत में जाते हैं, वहां लोगों के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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