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Complex demolition: एक ईंट हिली तो आर-पार की लड़ाई! सेंट्रल मार्केट व्यापारी दृढ़, धरना-प्रदर्शन जारी

Tue, 28 Oct 2025 10:27 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण के बाद व्यापारी संगठित होकर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अगर एक भी ईंट हिली तो आर-पार की लड़ाई होगी। सुप्रीम कोर्ट की लिस्टिंग न होने से मामला बनेगा गरम।

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सेंट्रल मार्केट में पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण के विरोध में सोमवार को भी दुकानें बंद रहीं। उधर, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अवमानना याचिका का केस लिस्टिंग पर न आने के कारण सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। यहां व्यापारियों की टोलियों ने काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की। दुकानों को बंद कराने के बाद धरना दिया। व्यापारियों ने भाजपा और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि अगर अब सेंट्रल मार्केट की एक भी ईंट हिली तो आर-पार की लड़ाई होगी।

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संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि एक रहोगे तो सुरक्षित रहोगे। एकजुटता न होने से नुकसान होता है। यह एकजुटता न दिखाने का ही परिणाम है। वर्ष 2014 में हाईकोर्ट के आदेश के अमल को रोका गया था तो अब क्यों नहीं रोका जा सका। उस दौरान एक-एक व्यापारी सड़क पर था। अब क्यों नहीं? अन्य दुकानों के ध्वस्तीकरण के प्रस्ताव की बात आवास विकास कर रहा है। अगर उन दुकानों पर बुलडोजर चला तो सबसे पहले उसके आगे लेटने का काम व्यापारी करेंगे।

व्यापारी नेता संजय जैन ने कहा कि व्यापार संघ पूरी तरह से पीड़ितों के साथ खड़ा है। यह लड़ाई केवल सेंट्रल मार्केट की नहीं है बल्कि प्रत्येक व्यापारी की है। सतीश जैन ने कहा कि सभी व्यापारियों को एक साथ संघर्ष करना होगा। 

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आवास विकास ने दाखिल नहीं की अनुपालन रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में आवास एवं विकास परिषद की ओर से अनुपालन (कंप्लायंस) रिपोर्ट सोमवार को दाखिल नहीं की गई। परिषद के अधिशासी अभियंता आफताब अहमद के माध्यम से शपथ पत्र दायर किया गया। इसमें उन्होंने कहा है कि वे इस प्रकरण के तथ्यों और परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं और परिषद की ओर से शपथ देने के लिए अधिकृत हैं। 

अवमानना याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हुई लेकिन व्यापारी दिन भर एक-दूसरे से इसकी जानकारी लेते रहे। शाम को पता चला कि केस लिस्टिंग पर नहीं आया। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन की खंडपीठ ने आवासीय भवन 661/6 में व्यावसायिक कॉम्पलेक्स मामले में 17 दिसंबर 2024 को आवासीय क्षेत्र में किए गए सभी अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। 
 

व्यावसायिक कॉम्पलेक्स को तीन महीने में खाली कराने और उसके बाद दो सप्ताह में ध्वस्त करने के लिए कहा गया था। आदेश का अनुपालन न होने पर आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने अवमानना याचिका दाखिल की थी। इस पर छह अक्तूबर को सुनवाई की थी। 

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के गृह सचिव, आवास आयुक्त, एसएसपी मेरठ व थानाध्यक्ष नौचंदी, व्यापारी राजेंद्र कुमार बड़जात्या, संदीप सिंह, राजीव गुप्ता, सुषमा शर्मा, संगीता वाधवा, चंद्र प्रकाश गोयल, निशि गोयल, अमरजीत व जगप्रीत कौर से दो सप्ताह में जवाब मांगा था।

इस प्रकरण में आवास विकास की ओर से 45 अधिकारियों और 21 व्यापारियों के खिलाफ थाना नौचंदी में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। लोकेश खुराना का कहना है कि मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित थी लेकिन मामला लिस्टिंग पर नहीं आया।

फन को कुचलने का हुनर सीखिए  सांपों के डर से जंगल नहीं छोड़ा जाता
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता नटराज ने व्यापारियों को आंदोलन को धार देने के लिए कहा। उन्होंने कहा-‘फन को कुचलने का हुनर सीखिए, सांपों के डर से जंगल नहीं छोड़ा जाता।’ उन्होंने कहा- मेरी एक आंख फूटी, उसकी दोनों फूट जाएं ... ऐसी मानसिकता को छोड़ना होगा। जनप्रतिनिधि भले ही आएं या न आएं। लड़ाई जारी रखनी होगी।

सतीश गर्ग ने कहा कि अब 31 भूखंड पर बनीं 90 दुकानों को ध्वस्त करने की तैयारी आवास विकास कर रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं होने देंगे। इस मौके पर सरदार दलजीत सिंह, जितेंद्र अग्रवाल अट्टू, सतीश गर्ग, नरेंद्र राष्ट्रवादी, संजीव पुंडीर, संजीव रस्तोगी, प्रशांत कौशिक, अंकित गुप्ता मनु, राहुल मलिक आदि रहे। 
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अफसरों ने किया राहत देने से इन्कार, व्यापारी मायूस लाैटे
 सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रुकवाने की मांग को लेकर सोमवार को भाजपा नेताओं और व्यापारियों ने डीएम-कमिश्नर से मुलाकात की। अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश बताकर राहत देने से इन्कार कर दिया। व्यापारी मायूस लौट गए। 

कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता सहित पदाधिकारी और व्यापारी गण डीएम आवास पर पहुंचे। डीएम से मिलने के बाद भी व्यापारियों को मायूसी ही हाथ लगी। व्यापारियों ने बताया कि डीएम ने सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का हवाला देते हुए फिलहाल कोई मदद न कर पाने की बात कही। भाजपा नेता और व्यापारियों ने कमिश्नर से भी मुलाकात की है। 

वहां से भी कोई भरोसा नहीं मिला। व्यापारी नेता अजय गुप्ता ने बताया कि दोनों अधिकारियों से गुहार लगाई है कि सेंट्रल मार्केट में 22 दुकान ध्वस्त हो चुकी है, अब आगे की कार्रवाई रुकवाई जाए। इस पर अधिकारियों ने संतोष जनक जवाब नहीं दिया है।
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