देर शाम व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर शांति मार्च भी निकाला। इस बीच पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। दोनों ओर से नोकझोंक के बीच व्यापारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर परिसर का ध्वस्तीकरण रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा और करीब 80 फीसदी हिस्सा ढहा दिया गया। परिसर को बैरीकेडिंग कर सील कर दिया गया था। तीन जेसीबी और हाइड्रा मशीनों से लगातार मलबा हटाने का काम चलता रहा।
व्यापारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सिर्फ प्लॉट नंबर 661/6 के ध्वस्तीकरण तक सीमित था। बाकी दुकानों को तोड़ना गैरकानूनी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन नहीं माना तो आंदोलन और उग्र होगा। व्यापारियों ने कहा-यह केवल इमारत नहीं, हमारी रोजी-रोटी तोड़ी जा रही है।