मेरठ। सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण के आदेश ने व्यापारियों को परेशानी में डाल दिया है। बुधवार को व्यापारियों ने भोलेश्वर मंदिर के पास बैठक की और कई अधिवक्ताओं से विचार-विमर्श किया। आवास एवं विकास परिषद के अफसरों पर दोषारोपण किया। इसी के साथ जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन की खंडपीठ ने मंगलवार को मामले में सुनवाई कर आदेश पारित किए। खंडपीठ ने भवन स्वामियों को परिसर खाली करने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा। इसके दो सप्ताह बाद आवास एवं विकास परिषद को अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना होगा। इस कार्य में सभी प्राधिकारी सहयोग करेंगे अन्यथा कोर्ट की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के बाद से ही व्यापारियों में खलबली मची है।
मंगलवार को व्यापारियों ने भोलेश्वर मंदिर के पास बैठक की। अधिवक्ताओं से विधिक राय ली और जनप्रतिनिधियों के साथ ही व्यापारी नेताओं से भी मुलाकात की। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश होने के कारण कोई भी अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने को लेकर आश्वासन नहीं दे रहा है।
तीन में दुकानें खाली कराने और फिर दो सप्ताह में गिराने के आदेश
आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता आफताब अहमद ने बताया कि सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने में अवैध निर्माण को खाली कराकर दो सप्ताह में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आला अफसरों के साथ ही जिला प्रशासन को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से अवगत करा दिया गया है।
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की पीड़ा सीएम तक पहुंचाएंगे : विनीत शारदा
सेंट्रल मार्केट मामले में बुधवार को भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा पहुंचे। व्यापारियों ने उन्हें ज्ञापन देकर पीड़ा बताई। सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष किशोर वाधवा, महामंत्री महीपाल मलिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन रस्तोगी, कोषाध्यक्ष आशीष गोयल आदि ने पांच सूत्रीय ज्ञापन देकर अनुरोध किया। व्यापारियों ने ज्ञापन में कहा कि जब क्षेत्र विकसित हो रहा था तब 15 से 20 फीसदी स्थान व्यावसायिक के लिए होना चाहिए था। विनीत अग्रवाल शारदा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और व्यापारियों की समस्या को लेकर पार्टी आलाकमान, उपमुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री से भेंट कर बताया जाएगा।