खरखौदा(मेरठ)। एनजीटी के आदेश के चलते कई उद्योग धंधे समेत राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कर रही कंपनियों ने भी निर्माण बंद कर दिया था। जिसमें मेरठ-बुलंदशहर तक पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण फरवरी 2020 में पूरा करना था। अब दो माह काम बंद होने पर निर्माण कंपनी की मांग पर एनएचएआई ने दो माह का समय और बढ़ा दिया है। अब कंपनी को अप्रैल 2020 में काम पूरा करना है।
मेरठ से बुलंदशहर तक 63.1 किलोमीटर के राष्ट्रीयराज मार्ग 235 का निर्माण 2016 से चल रहा है। इसका निर्माण समय सीमा अक्तूबर 2019 था। फफूंडा, कूड़ी, कबट्टा समेत कई स्थानों पर किसानों ने विरोध किया। इसके चलते निर्माण कार्य को रुकवा भी दिया था। वहीं, पिछले तीन वर्षों से दीपावली के आसपास प्रदूषण स्तर बढ़ने पर एनजीटी ने निर्माण कंपनियों के हॉट मिक्स प्लांटों को बंद करा देता है। वहीं, परिस्थितियों को देखते हुए क्षेत्र के लोगों की मांग पर कई बदलाव भी किए गए। जिस कारण कार्य बढ़ा तो निर्माण कंपनी ने समय बढ़ाने की मांग की थी। इस पर अक्तूबर 2019 से बढ़ाकर समय सीमा फरवरी 2020 कर दी थी। एनजीटी ने इस वर्ष भी निर्माण कंपनी के हॉट मिक्स प्लांट को बंद कर दिया। दो माह बंद रहने के कारण निर्माण कंपनी ने फिर से समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। जिस पर कंपनी के अधिकारियों के अनुसार एनएचएआई ने मांग स्वीकार कर ली है। अब अप्रैल 2020 तक कार्य को पूरा करना है।
करीब 90 फीसदी कार्य पूर्ण
हाईवे का निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों के अनुसार मेरठ से बुलंदशहर तक करीब 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मेरठ से बुलंदशहर तक 30 यात्री शेड, सभी जंक्शन व ओवरब्रिज पर पथ प्रकाश व हाई मास्क लाइटें लगाने की तैयारी चल रही है।
रेलवे का पुल पर नहीं हो सका पूर्ण
राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव कैली में ओेवरब्रिज के समीप एवं गुलावठी में ओेवरब्रिज पर हाईटेंशन लाइन तथा हापुड़ में रेलवे पुल पर पड़ा अर्द्धनिर्माण समेत तीनों इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवरोध बने हुए हैं। वहीं, यदि कैली फ्लाईओवर पर यदि सर्विस रोड एवं हापुड़ में रेलवे का कार्य पूर्ण हो जाए तो मेरठ से हापुड़ तक वाहन फर्राटा भरने लगे।
कंपनी की मांग पर एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग की निर्माण की समय सीमा बढ़ा दी है। अब कंपनी को अप्रैल 2020 तक कार्य पूर्ण करना है। कंपनी ने मेरठ से बुलंदशहर तक करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया है। -भगीरथ सारण, सहायक प्रबंधक निर्माण, एपको कंपनी