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कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि में तीन नए कॉलेजों की सौगात

Thu, 30 May 2019 03:26 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

- 132 सीटें होंगी बीटेक फूड टेक्नालॉजी, बीएससी ऑनर्स हॉर्टिकल्चर और बीटेक एग्रीकल्चर की
- कॉलेज ऑफ टेक्नालॉजी, पोस्ट हार्वेस्ट एंड फूड इंजीनियरिंग और कॉलेज ऑफ हॉर्टीकल्चर खुलेंगे
- नए सत्र में होंगे प्रवेश, एकेडमिक काउंसिल ने दी अनुमति, वेस्ट यूपी के छात्र-छात्राओं को होगा फायदा
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कृषि विश्वविद्यालय, मेरठ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिक्षा के हब मेरठ में तीन नए कॉलेज खुलने जा रहे हैं। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मोदीपुरम में नए सत्र से ये तीनों कॉलेज शुरू हो जाएंगे। एकेडमिक काउंसिल ने कॉलेज ऑफ टेक्नालॉजी, पोस्ट हार्वेस्ट एंड फूड इंजीनियरिंग और कॉलेज ऑफ हॉर्टीकल्चर को शुरू करने की अनुमति दे दी है। तीनों कॉलेजों में 132 सीटें होंगी। इसका खास फायदा वेस्ट यूपी के छात्र-छात्राओं को मिलेगा।
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कृषि विश्वविद्यालय में वर्तमान मेें कॉलेज ऑफ बायोटेक, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर और कॉलेज ऑफ वेटनरी चल रहे हैं। इनके अलावा अब कॉलेज ऑफ टेक्नालॉजी, पोस्ट हार्वेस्ट एंड फूड इंजीनियरिंग और कॉलेज ऑफ हॉर्टीकल्चर भी शुरू होंगे। इन कॉलेजों में चार साल में करीब 89 करोड़ की लागत आयी है। जिनसे छात्रों को इंजीनियरिंग, हार्वेस्ट और फूड इंजीनियरिंग के अलावा हार्टीकल्चर के क्षेत्र में नया आयाम मिलेगा। हालांकि अभी इनके लिए पदों की स्वीकृति अटकी हुई है। विवि के अधिकारियों के अनुसार पदों की स्वीकृति के लिए फाइल शासन के पास विचाराधीन है। स्वीकृति न होने तक इन कॉलेजों का संचालन विश्वविद्यालय का स्टाफ ही करेगा।
ये होंगे डिपार्टमेंट  (कॉलेज ऑफ टेक्नालॉजी)
1. सिविल इंजीनियरिंग, 2. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 3. मेकेनिकल इंजीनियरिंग 4. इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन  5. इनफोरमेशन टेक्नालॉजी 6. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग 7. एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग 8. सोयल एंड वाटर कंजरवेशन इंजीनियरिंग 9. फार्म एंड मशीनरी डिपार्टमेंट 10. इरीगेशन एंड ड्रैनेज 11. एग्रीकल्चर प्रोसेसिंग 12. प्रोटोटाइप एंड प्रोडक्शन
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44-44 होंगी सीटें, ये कोर्स चलेंगे
कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के रजिस्ट्रार के अनुसार इन तीनों कॉलेजों में 44-44 सीटें होंगी। इनमें 30-30 सीटें काउंसिलिंग से भरी जाएंगी। 10-10 सीटें पेड होंगी। जबकि 4-4 सीटें एनआरआई कोटे की होंगी। इनके अलावा इनमें बीटेक फूड टेक्नालॉजी कोर्स टेक्नालॉजी कॉलेज में, बीएससी ऑनर्स हॉर्टिकल्चर कोर्स कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर में तो बीटेक एग्रीकल्चर कोर्स इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफ टेक्नालॉजी में चलेगा।
मिलेगी अलग पहचान
मोदीपुरम में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। विवि में पोस्ट हार्वेस्ट एंड फूड इंजीनियरिंग कॉलेज 49 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यूपी का यह पहला बड़ा कॉलेज है। जिसमें डेयरी, सीड, पल्स आदि पर काम किया जाएगा। इस कॉलेज के शुरू होने से विवि और इस क्षेत्र को नयी दिशा तो मिलेगी ही, साथ ही किसानों और छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा। वहीं, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि की धमक विदेेशों तक पहुंच रही है। यहां के वैज्ञानिक जो कृषि क्षेत्र में प्रजाति डेवलप कर रहे हैं, उनका लाभ दूसरे राज्यों के किसानों को भी मिल रहा है। विवि की बढ़ती पहचान को देखते हुए विदेशों के छात्र यहां रिसर्च के लिए आ रहे हैं। कॉलेज ऑफ टेक्नालॉजी में 21 करोड़ तो कॉलेज ऑफ हॉर्टीकल्चर में 19 करोड़ रुपये की लागत आयी है।
इस बिल्डिंग में चलेगा कॉलेज ऑफ हॉर्टीकल्चर
कृषि विश्वविद्यालय परिसर में फ्लोरीकल्चर की बिल्डिंग में कॉलेज ऑफ हॉर्टीकल्चर चलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। वहां पर स्टाफ भी है। इसी को देखते हुए नए सत्र में इस कॉलेज को शुरू करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही वेस्ट यूपी के किसान भी इसका लाभ ले सकेंगे। फूलों के क्षेत्र में किसानों को काफी मिलेगा। दिल्ली एनसीआर के नजदीक होने के कारण किसान फूलों की खेती को बढ़ावा दे सकते हैं।

नए सत्र से शुरू होंगे प्रवेश
नए सत्र में तीनों कॉलेजों को शुरू किया जा रहा है। जिसके लिए अनुमति दे दी गई है। कैटेट का रिजल्ट आने के बाद काउंसिलिंग के माध्यम से इन तीनों कॉलेजों में एडमिशन लिए जाएंगे। इन कॉलेज के चलने से विवि को नयी पहचान मिलेगी। डॉ. अशोक कुमार अहलूवालिया, रजिस्ट्रार

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