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फर्जीवाड़ा: फर्जी दस्तावेजों से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से लिया था 20 लाख का लोन, कम समय में अमीर बनने की थी ख्वाहिश

Fri, 05 Nov 2021 08:33 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

सहारनपुर में धोखाधड़ी से 20 लाख का ऋण हड़पने वाले तीन आरोपी पकड़े गए हैं। तीनों आरोपियों ने मुकेश नामक व्यक्ति की फर्जी आईडी और जमीन के कागजात तैयार कर पुल जोगियान के नजदीक स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 20 लाख रुपये का ऋण लिया था। जब ऋण की किस्त जमा नहीं हुई तो जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस पर बैंक प्रबंधक की ओर से नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 20 लाख रुपये का ऋण लेकर हड़पने वाले तीन आरोपियों को नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने फर्जी मुहर व कई दस्तावेज बरामद किए हैं। 
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एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि सहारनपुर के अशोकनगर निवासी साकिब फारूखी और कंबोह का पुल निवासी मोहम्मद नवाज के अलावा गुलफाम उर्फ शानू निवासी सब्जी मंडी थाना पुरकाजी (मुजफ्फरनगर) को गुरुद्वारा रोड से पकड़ा गया है। 

इन तीनों आरोपियों ने मुकेश नामक व्यक्ति की फर्जी आईडी और जमीन के कागजात तैयार कर पुल जोगियान के नजदीक स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 20 लाख रुपये का ऋण लिया था। जब ऋण की किस्त जमा नहीं हुई तो जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस पर बैंक प्रबंधक की ओर से नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। 
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एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों ने ऋण लेकर पैसा खर्च करना स्वीकार किया है। आरोपियों के पास से एक मुहर, तीन स्टांप पैड, फर्जी आईडी पर लिए गए सिम, चार मोबाइल फोन, मुकेश नामक व्यक्ति के नाम का ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ। 
 
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90 करोड़ ठगने की भी बात आई सामने, 20 करोड़ के फर्जी बिल किए थे तैयार 

पकड़े गए आरोपी शातिर हैं, जो पहले भी कई बैंकों से लोन लेकर हड़प चुके हैं। इनमें साकिब गैंग लीडर हैं, जिसने इंटरमीडिएट के बाद आईटीआई की है। एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया है कि इन्होंने किसी व्यक्ति से 90 करोड़ रुपये की भी ठगी की थी, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, जबकि कई बैंकों से ऋण लेकर पैसा हड़पने की बात आरोपियों ने स्वीकार की है। आरोपियों ने 20 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी बिल भी बनाए थे। 

सुनियोजित तरीके से बनाते थे फर्जी दस्तावेज 
आरोपी सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी करते थे। साकिब और मोहम्मद नवाज को कंप्यूटर व इंटरनेट की अच्छी जानकारी है। साकिब किसी भी व्यक्ति के नाम पर फर्जी आईडी तैयार कराता था। इसके बाद दस्तावेजों पर अपने किसी साथी की फोटो लगाता था और उसके जरिए ही ऋण का आवेदन कराते थे। इस बार आरोपियों ने अपने तीसरे साथी गुलफाम की आइडी मुकेश के नाम पर बनाकर उसे ही बैंक में ऋण के लिए आवेदन करने भेजा था, जबकि मोहम्मद नवाज पूरा प्लान तैयार करता था। 

बैंक कर्मचारियों को भी करते थे गुमराह 
आरोपी बैंक कर्मचारियों को भी गुमराह करते थे, जिस पर नाम और पता की आईडी तैयार की जाती थी, उसे पते पर जब बैंक अधिकारी जांच करने जाते थे तो आरोपी का साथी यानी आवेदनकर्ता वहां मौजूद मिलता था। इस पर बैंक कर्मचारियों को विश्वास हो जाता था। इस संबंध में पुलिस ने कई बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों से भी पूछताछ कर सुबूत जुटाए हैं। 

कम समय में अमीर बनने की थी ख्वाहिश 
आरोपी साकिब कम समय में अमीर बनना चाहता था। इसके लिए उसने अपने दोस्त मोहम्मद नवाज के साथ बैंकों से फर्जी कागजातों के आधार पर ऋण लेने की योजना बनाई। इसमें आरोपी कई बार सफल भी हुए हैं। जांच में सामने आया है कि 15 से अधिक बैंकों से आरोपी ऋण लेकर हड़प चुके हैं। साकिब व मोहम्मद नवाज किसी व्यक्ति को दो से तीन लाख रुपये देने का लालच देते थे। आरोपी उस व्यक्ति को कहते थे कि तुम्हारी सिर्फ फोटो लगाई जाएगी। बस, तुम्हें बैंक में जाकर आवेदन करना है। ऋण मिलते ही आरोपी उस व्यक्ति को पैसा भी दे देते थे।
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