मुख्यमंत्री योगी आज यानी मंगलवार को मेरठ दौरे पर हैं। सीएम बनने के बाद पहली बार मेरठ आ रहे योगी से मेरठ वासियों को बहुत सारी उम्मीदें हैं। अब देखना यह होगा कि चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए वादों पर सीएम योगी कितने खरे उतरते हैं। मेरठ की ये बड़ी समस्याएं है।
अंडरग्राउंड और अतिक्रमण मुक्त नाले
नालों को अंडरग्राउंड करने की योजना को लागू किया जाए। तत्कालीन सरकार ने 409 करोड़ रुपये से अंडरग्राउंड नालों की योजना बनायी थी। जिसकी शुरूआत आबूनाले से की जानी थी। सरकार ने कुछ हिस्से में इस पर काम भी किया। प्रोजेक्ट पर गौर करें तो अंडरग्राउंड नाले के ऊपर जगह-जगह पार्क बनाए जाने थे। साथ ही एक तरफ गंगाजल भी बहाया जाने की योजना थी। जो शुरू होने से पहले ही दम तोड़ गई।
नाला सफाई
महानगर में नालों की पर्याप्त सफाई न होना भी बड़ी समस्या है। शहर के नालों का गंदा पानी काली नदी में गिरता है। सही समय पर पर्याप्त सफाई न होने के कारण बरसात में शहर टापू बन जाता है। इसके लिए कोई योजना बननी चाहिए।
चाहिए कूड़ा निस्तारण प्लांट
ये है मेरठ की सड़क का हाल
शहर से प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। जो शहर के बाहरी इलाके में सड़कों के किनारे, खाली प्लॉट और गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड पर डाला जाता है। यह आधी-अधूरी व्यवस्था है। नियमानुसार कूड़ा निस्तारण प्लांट होना चाहिए। नगर निगम ने गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए महाराष्ट्र की एक कंपनी से अनुबंध किया हुआ है। एक जनवरी को भूमि पूजन भी किया गया था। लेकिन प्लांट नहीं लगने से पर्यावरण दूषित हो रहा है।
सफाई में 339वें नंबर पर मेरठ
शहर की सफाई व्यवस्था की पोल आए दिन खुलती रहती है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराए गए शहरों की सफाई के मूल्यांकन में भी मेरठ को एक बार फिर शर्मिंदगी उठानी पड़ी। देश भर के 400 बड़े शहरों में मेरठ को 339वां स्थान मिल पाया है। हालांकि नगर निगम प्रशासन की मानें तो इनके पीछे ऐसे कुछ पहलू रहे हैं जिन पर तत्कालीन सरकार की दोषी रही है। अखिलेश सरकार ने कूड़ा निस्तारण, जीपीएस, बायोमेट्रिक उपस्थिति मशीनों आदि पर कार्य ही नहीं करने दिया।
बिगड़ती कानून व्यवस्था में हो सुधार
सदर थाने में खड़ी लावारिस गाड़ियां
कानून व्यवस्था सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ रही है। एंटी रोमियो स्क्वाएड शहर से गायब हो गया है, तो छेड़छाड़ के अलावा महिलाओं से लूट की वारदातें हो रही हैं। वहीं, इस सप्ताह ही बदमाशों ने एक के बाद एक तीन सराफा व्यापारियों के यहां वारदातें की हैं। शहर की जनता सीएम से क्राइम पर लगाम लगाने की उम्मीद लगा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही मनचलों और बदमाशों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। सीएम की सख्ती से एंटी रोमियो स्क्वाएड ने सड़क पर उतरकर मनचलों की खबर ली, तो छात्राओं और महिलाओं ने इसका स्वागत किया था। बाजारों से अतिक्रमण हटा तो माफियाओं पर भी शिकंजा कसा गया। पुलिस अफसरों ने भी अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाए। लेकिन कुछ दिन राहत के बाद पुलिस महकमा फिर वही पुराने ढर्रे पर लौट आया। जिसका नतीजा यह हुआ कि मनचले और बदमाश फिर से हावी होने शुरू हो गए हैं। शहर में रोजाना स्कूल-कॉलेजों के आसपास मनचले मंडरा रहे हैं तो महिलाओं से पर्स और बैग लूटे जा रहे हैं।सीएम का मेरठ दौरा तय होते ही आला अफसरों ने अपराधियों पर शिकंजा कसने के कड़े निर्देश दिए। लेकिन इसके विपरीत वारदातें और बढ़ गईं। खासतौर से बदमाशों के निशाने पर महिलाएं और व्यापारी रहे। जिसके चलते व्यापारी संगठन कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी में हैं।