बिजली बंबा बाईपास का नहीं होगा चौड़ीकरण
मेरठ। शहर की लाइफलाइन बन चुके बिजली बंबा बाईपास का अब चौड़ीकरण नहीं किया जाएगा। नौ वर्ष से हवा में लटके पुल को ऐसे ही छोड़ दिया जाएगा। इस बाईपास से रोजाना एक लाख वाहन गुजरते हैं। इसके चौड़ीकरण के लिए कई बार कमिश्नर स्तर पर बैठक हुईं, जिसमें एमडीए, पीडब्लूडी, सेतु निगम को प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया। लेकिन जमीन अधिग्रहण पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च होने का हवाला देते हुए विभागों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अब दिल्ली जाने के लिए लोगों को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण के बनने का इंतजार करना होगा।
सात किलोमीटर के बाईपास के किनारे आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को शुरू किया जा चुका है। एक तरफ बंबा होने के चलते एक लेन में ही वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसके चलते बाईपास पर जाम की स्थिति बन रही है। वहीं, जुर्रानपुर फाटक बंद होने पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है, जिससे वाहनों को बाजौट गांव में से गुजरकर जाना पड़ता है। इसके बावजूद इसका चौड़ीकरण न होने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
दिल्ली रोड को जोड़ने का नहीं कोई प्लान
एनएचएआई की ओर से मवाना रोड को गढ़ रोड, गढ़ रोड को हापुड़ रोड, मवाना रोड को रुड़की रोड से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए एनएचएआई मुरादाबाद, एनएचएआई मेरठ के परियोजना निदेशक ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन दिल्ली रोड को हापुड़ रोड से जोड़ने और दिल्ली रोड को एनएच-58 से जोड़ने का कोई भी प्लान न तो प्राधिकरण ने तैयार किया है और न ही एनएचएआई ने कार्ययोजना बनाई है। एक तरफ मेरठ-बागपत हाईवे का निर्माण तेज गति से किया जा रहा है। सबसे अधिक जरूरत दिल्ली रोड को इनर रिंग रोड से जोड़ने की होनी चाहिए।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण विकल्प
अभी दिल्ली जाने वाले वाहनों को वाया बाईपास होते हुए गुजारा जाता है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण के बन जाने के बाद हापुड़ रोड स्थित जाहिदपुर गांव से वाहन सीधा मोदीनगर सीमा के जैनुद्दीनपुर पहुंच जाएंगे। जैनुद्दीनपुर ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा। इस चरण के बन जाने के बाद बिजली बंबा बाईपास पर वाहनों का दबाव कम होगा।