इंडस्ट्री से निकल रहा पानी काली को कर रहा जहरीला
मेरठ। इंडस्ट्री से निकल रहा पानी काली नदी को जहरीला कर रहा है। प्रमाणित प्रयोगशाला में परीक्षण के दौरान कई जगह से लिए गए पानी के नमूनों की जांच में ये बात सामने आई है। इससे पहले काली नदी के पानी के नमूनों की मेरठ की प्रयोगशाला में जांच कराई थी, जिसमें खतरनाक रसायन मिले थे। इसके बाद सांसद राजेंद्र अग्रवाल और विधायक सत्यवीर त्यागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलकर इस पर चिंता जताई थी।
नदी पुनर्जीवन के कार्य में जुटे नीर फाउंडेशन के रमन त्यागी द्वारा देव प्रिया पेपर मिल के पास काली नदी में डाले जाने वाले नाले से पानी का नमूना लेकर भारत सरकार से प्रमाणित प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भिजवाया था। एक नमूना गांवड़ी गांव के पास लिया था। परीक्षण के नतीजों में पानी में जहरीले रसायनों की अधिक संख्या पाई गई है। टीङीएस की मात्रा सामान्य 100 मिलीग्राम से अधिक 205.5 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई। बीओसी सामान्य 30 से अधिक 55 व सीओडी सामान्य 250 से अधिक 332 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई है। बीडीटी सामान्य 5 से अधिक 10 पाई गई है। नमूने में लेड, आर्सेनिक व आयरन की मात्रा सामान्य सीमा के अंदर पाई गई है। रमन त्यागी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार जिन उद्योगों को अपना तरल कचरा नदी में डालने की अनुमति दी गई है अगर वह सामान्य से अधिक गंदा पानी नदी में डाल रहे हैं तो यह चिंता का विषय है।