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लगातार हो रही बारिश से चिंतित हैं खादर के ग्रामीण

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लतीफपुर हस्तिनापुर मार्ग पर उतरता पानी स्रोत संवाद
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हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण खादर क्षेत्र के ग्रामीण पूरी तरह चिंतित नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि कहीं अब दोबारा गंगा का जलस्तर बढ़कर तबाही न मचा दे। हाल ही में उन्होंने बाढ़ जैसे हालातों का सामना किया।
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बरसात का हर दिन रात खादर क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत लेकर आता है और समय का हर क्षण उनको चिंतित करता है। कई दिन से हो रही बारिश के कारण उन्हें चिंता सता रही है कि कहीं दोबारा से गंगा का जलस्तर न बढ़ जाए। क्योंकि पिछले सप्ताह अचानक गंगा का जल स्तर बढ़ने से गंगा का तटबंध टूट गया था और खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। वहीं इन गांवों में पानी भरने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। बाढ़ क्षेत्र में फंसे लोगों की परेशानियों को देखते हुए प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत कार्य भी चलाया गया, जिसमें उन्हें खाद्य सामग्री वितरित की गई।
ग्रामीण सुंदर सिंह, सरदार नरवैर सिंह, अवतार सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों के मुकाबले इतनी अधिक बारिश हो रही है कि पिछले 10 वर्षों में भी नहीं देखी। इस मौसम में कभी इतनी बरसात नहीं हुई। लगातार हो रही बरसात के कारण गंगा का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है। उन्हें खतरा सता रहा है कि कहीं दोबारा से खादर क्षेत्र की स्थिति वही न हो जाए जो एक सप्ताह पूर्व नजर आ रही थी।
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बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर बिजनौर बैराज से शाम 5:00 बजे 1.64 लाख क्यूसेक चल रहा था। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी उफान पर चल रही है।


कई गांवों के संपर्क मार्गों पर है पानी
खादर क्षेत्र में अभी भी बाढ़ के बाद हालात कुछ ठीक नहीं हुए हैं क्योंकि अभी भी कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों को अपने गांव में आवागमन के लिए पानी के बीच से गुजरकर जाना पड़ रहा है। चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त होने से पूरी तरह बंद है।


चारे के लिए ग्रामीणों को हो रही परेशानी
खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों के जंगलों में अभी भी बाढ़ और बारिश का पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को पशुओं का चारा जुटाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर अपने खेतों पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समय सबसे ज्यादा परेशानी पशुओं के चारे के लिए हो रही है।

लतीफपुर हस्तिनापुर मार्ग पर उतरता पानी स्रोत संवाद

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