भगत सिंह मार्केट में नगर निगम की दुकानें।
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शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर निगम अपनी मार्केेट में दुकानों की नाप करेगा। नगर निगम की दुकान या अन्य संपत्तियों में लोगों ने अपनी मनमर्जी से दुकानों का स्वरूप बदल दिया है। यदि निगम की पैमाइश में दुकानें बढाई हुई मिली तो निगम अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इन दुकानों को धवस्त करेगा।
ये रहेंगे निगम बुलडोजर के निशाने पर
केस ने. एक
पुराना हापुड़ अडडा चौराहा के निकट भगत सिंह मार्केट नगर निगम की है। लोगों ने यहां दुकानों के क्षेत्रफल से कहीं अधिक पक्के निर्माण करके रास्तों को संकरा कर दिया है। जिसके कारण मार्केट में आने वाले ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आगजनी जैसी घटना के दौरान यहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी पहुंचनी मुश्किल है। पिछले दिनों भगत सिंह मार्केट में लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर नहीं जा पायी थी।
केस नं. दो
घंटाघर पर नगर निगम का पालिका बाजार है। इस बाजार में दुकानों का स्वरूप बदल दिया गया है। इस मार्केट में अधिकतर दुकानें कपड़े की हैं। बाजार में अतिक्रमण के कारण आग जैसी अनहोनी के दौरान मुश्किल आ सकती है। इतना ही नहीं पालिका बाजार से शौचालय और पानी की टंकी तक गायब है।
बोर्ड बैठक में उठा था भगत सिंह मार्केट का अतिक्रमण
मेरठ। नगर निगम की भगत सिंह मार्केट हो या फिर घंटाघर पालिका बाजार मार्केट। सभी में अतिक्रमण का मुददा नगर निगम की बोर्ड बैठकों में उठता रहा है। पिछले सप्ताह बोर्ड बैठक में पार्षद आरिफ अंसारी ने भगत सिंह मार्केट में स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण का मामला उठाया था।
संपत्ति अधिकारी नगर निगम दिनेश यादव ने बताया कि भगत सिंह मार्केट और पालिका बाजार के दुकानदारों को पहले नोटिस दिए जाएंगे। ताकी वह स्वयं ही अपने स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को हटा लें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। सभी तैयारी चल रही हैं।