बरसात और सर्द हवा ने बढ़ा दी ठंड
बिजनौर। सर्द हवा के साथ हुई बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई। मंगलवार को जिले का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश 8.2 मिलीमीटर दर्ज की गई। बारिश के कारण गेहूं, गन्ना की फसलों के लिए लाभदायक है, जबकि सरसों को नुकसान हो सकता है। बुधवार को भी बारिश होने का अनुमान है।
बिजनौर में सोमवार रात से ही बादल छाने शुरू हो गए थे। रात में करीब 12 बजे से हल्की बारिश शुरू हुई। मंगलवार सुबह से भी रुक रुक कर बरसात होती रही। दिन भर में मौसम की रंग बदलता रहा। कभी धूप खिली, तो कभी आसमान में घटा छाने पर बूंदाबांदी हुई। बारिश के साथ पूरे दिन चली सर्द हवा से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई।
हल्दौर क्षेत्र में सोमवार रात से रुक रुककर बारिश होती रही। साथ ही तेज हवा भी चली। किसान विमल त्यागी, अभिषेक त्यागी, मनोज कुमार, राकेश कुमार, मोहम्मद शाहिद ने बताया कि गन्ने की फसल गिर गई और खेतों में पानी भर गया। चूहे, गीदड़ व अन्य जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाने की संभावना बढ़ गई है। नींदडू में किसानों ने बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया है। अरशद अली, अथर हुसैन, इसरार अहमद और शमशाद अहमद आदि का कहना है कि बारिश से ठंड में इजाफा हुआ है। गेहूं की फसल के लिए बारिश फायदेमंद है। गेहूं की फसल की इस बार नलकूप से सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ी है।
खादर के किसान प्रभावित
गन्ने की छिलाई के लिए बारिश मुसीबत बनती जा रही है। बारिश होने से खादर क्षेत्र में गन्ने की छिलाई एक सप्ताह के लिए बंद हो जाती है। इस समय पैड़ी का खेत खाली होने पर किसान गन्ना, मक्का, परमल, खीरा आदि फसलों के लिए जमीन तैयार करनी शुरू कर देते हैं। बारिश होने से खादर में किसानों के खेत खाली नहीं हो पा रहे हैं।
शुगर मिलों को दोहरी मार
बारिश होने का असर चीनी मिलों पर भी पड़ रहा है। बारिश से मिलों को गन्ने की आपूर्ति तो प्रभावित हो ही जाती है, चीनी की रिकवरी भी कम हो जाती है। चीनी मिलों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है।