सिस्टर इंचार्ज को हटाया, मांगा स्पष्टीकरण
इस संबंध में मेडिकल के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना मरीज के लापरवाही बरतने के मामले में सिस्टर इंचार्ज को हटाया गया है। डॉ. धीरज को चेतावनी दी गई है। डॉ. सुमित से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कोरोना मरीजों के परिजनों ने प्रमुख सचिव को रोका
मेडिकल कॉलेज में कोरोना की समीक्षा बैठक व निरीक्षण के बाद जब प्रमुख सचिव आलोक कुमार निकले तो मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना मरीजों के परिजनों ने उन्हें रोक लिया। कहा कि यहां हमारे मरीज हैं और उनकी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। जिससे हमें परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। ब्रह्मपुरी निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति कोरोना के चलते मेडिकल में भर्ती है। उसकी पत्नी व बेटा प्रमुख सचिव के सामने बिलख पड़े। कहा कि 17 नवंबर के बाद उन्हें कोई जानकारी नहीं दी कि मरीज की हालत कैसी है। जिस पर मेडिकल प्राचार्य ने कहा कि परिजनों के आरोप गलत हैं। सभी कुछ नियमानुसार हो रहा है।
वहीं, माधवपुरम निवासी प्रदीप गर्ग ने प्रमुख सचिव से कहा कि उनके पिता की कोरोना से मौत हो चुकी है। एक निजी अस्पताल से कराई जांच और सरकारी अस्पताल से कराई रिपोर्ट में अंतर आया है। जिस पर प्रमुख सचिव ने सीएमओ को जांच के निर्देश दिए।
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