हस्तिनापुर। कस्बे में स्थित कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति व समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 12वें दिन भाव भूषण महाराज ने कहा कि सजा देने वाले व्यक्ति से क्षमा करने वाला व्यक्ति अधिक महान है। विधान पाठ में विधानाचार्य नीतेश एवं दीपक शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। राजीव जैन ने स्वर्ण कलश से अभिषेक किया। शांतिधारा राॅबिल जैन ने की। दीप का प्रज्ज्वलन ज्योति जैन व लता जैन ने किया।
भाव भूषण महाराज ने कहा कि क्षमा भाव से ही वातावरण सकारात्मक होता है। द्वेष भावना छोड़कर यदि हम क्षमा करना सीख लेंगे तो ऐसे में हमारे विरोधी भी हमारे अपनों में शामिल हो सकते हैं। आपसी द्वेष भावना भी समाप्त हो जाएगी। क्षमा से बड़ा कोई आभूषण नहीं है। ऐसे विचारों वाले समाज में एक सकारात्मक वातावरण का जन्म होगा।
सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। आदिनाथ भगवान की पूजन के बाद सभी तीर्थंकरों को अर्घ्य चढ़ाए गए। 88 परिवारों की ओर से विधान कराया गया। विधान का विसर्जन डाॅ. पुष्पा जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन बबीता जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन शैलेष जैन व अर्णव जैन, चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन पायल जैन व प्रतीक्ष्ज्ञा जैन ने किया।
इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, आदीश्वर प्रसाद जैन, अनिल जैन, धनप्रकाश जैन, अनिल जैन, कुणाल जैन, वेदप्रकाश जैन का सहयोग रहा।