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Meerut News: पाइपलाइन में लीकेज और बदबूदार पानी मिला, महापौर ने किया निरीक्षण

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शहर में सीवर लाइन की बगल में ही पेयजल की लाइन बुरा हाल... स्वयं
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मेरठ। महानगर में लगातार मिल रही दूषित पेयजल की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बृहस्पतिवार को महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने शहर के विभिन्न इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल जलापूर्ति से जुड़ी संरचनाओं और पाइप लाइनों की स्थिति का जायजा लिया, बल्कि स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान जलकल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए। महापौर ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की।
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महापौर का निरीक्षण सबसे पहले मेघदूत पुलिया से शुरू हुआ, जहां नाले के ऊपर से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन की स्थिति की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पाइपलाइन और नाले के बीच निर्धारित मानकों के अनुसार दूरी बनी हुई है और किसी प्रकार की तकनीकी खामी नहीं है। इसके बाद शर्मा स्मारक स्थित सीडब्ल्यूआर (क्लियर वाटर रिजर्वायर) का निरीक्षण किया गया, जहां जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू पाई गई। इसके उपरांत भूमिया पुल स्थित पाइपलाइन का भी निरीक्षण किया गया, जहां पाइपलाइन नाले से सुरक्षित दूरी पर और तकनीकी रूप से सही स्थिति में मिली। हालांकि निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि कुछ मोहल्लों में स्थानीय स्तर पर पाइपलाइन लीकेज या आंतरिक नेटवर्क की खराबी के कारण दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इसी क्रम में वार्ड 13 के प्रतापनगर गली नंबर 01 व 03 में बदबूदार और गंदे पानी की शिकायत मिलने पर महापौर स्वयं मौके पर पहुंचे। स्थानीय निवासियों ने बताया कि काफी समय से घरों में बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे उन्हें मजबूरन बाजार से पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है।
महापौर ने लोगों के घरों से पानी मंगवाकर स्वयं उसकी जांच की, जिसमें पानी बदबूदार पाया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अभियंता को फटकार लगाई और निर्देश दिए कि अगले निरीक्षण से पहले पूरे क्षेत्र की पाइपलाइन लीकेज की जांच की जाए। जहां भी लीकेज मिले, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा पेयजल के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके साथ ही महापौर ने महाप्रबंधक जल एवं अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र को चिन्हित कर 41 एचपी का नया नलकूप स्थापित कराया जाए। उन्होंने महानगर के संपूर्ण पेयजल नेटवर्क की शीघ्र जांच के भी निर्देश दिए। महापौर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र में दूषित पेयजल की आपूर्ति पाई गई या इसके कारण कोई नागरिक बीमार हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।
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निरीक्षण के दौरान पार्षद रामपाल यादव, अपर नगर आयुक्त पंकज सिंह, सहायक अभियंता लक्ष्मण सिंह, दुष्यंत कुमार, अवर अभियंता लाल बहादुर चौहान, सूरज प्रजापति सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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