मेरठ। दूल्हे पंकज के भतीजे सुमित की हत्या करने के बाद आरोपी सुरेंद्र भीड़ में तमंचा लेकर लहराता रहा। ग्रामीणों ने उससे तमंचा छीनने का प्रयास किया, लेकिन दस मिनट तक वह काबू में नहीं आया। भीड़ ने किसी तरह घेरकर उसको पकड़ा और हाथ से तमंचा छीना। इसके बाद उसकी पिटाई भी कर दी। पुलिस के पहुंचने पर उसे सौंप दिया।
वारदात को लेकर कश्यप समाज में जबरदस्त आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने कहा कि पूरी प्लानिंग कर सुमित की हत्या की गई। हत्या के बाद भी सुरेंद्र नहीं माना और बार-बार लोगों को गोली मारने की धमकी देता रहा। ग्रामीण शव को रखकर बैठ गए और कहा कि जब तक हत्यारोपी सुरेंद्र के परिवार के लोग गिरफ्तार नहीं होंगे तब तक शव नहीं उठने दिया जाएगा। पुलिस की मौजूदगी में रातभर हंगामा चलता रहा। हालात बेकाबू होने पर तड़के पांच बजे एसएसपी पहुंचे। एसएसपी ने हत्यारोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तभी जाकर पीड़ित परिवार माना। तब जाकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा। सुमित के परिवार वालों की ओर से 30 साल पुरानी रंजिश बताकर हत्यारोपी सुरेंद्र उर्फ कल्लू के खिलाफ एफआईआर कराई गई है। हालांकि पुलिस की प्राथमिक जांच में हर्ष फायरिंग के दौरान हत्या होना बताया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि एहतियात के तौर पर खिवाई कस्बे में पुलिस फोर्स लगाई गई है। हत्यारोपी से तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।
घुड़चढ़ी में कौन लाया था तमंचा
पंकज की घुड़चढ़ी के दौरान सुरेंद्र के पास तमंचा कहां से आया, इसकी छानबीन पुलिस ने की है। बताया गया कि सुरेंद्र तमंचा नहीं लाया था। हर्ष फायरिंग के दौरान डांस करते कुछ युवक तमंचा लेे रहे थे। वह बार-बार तमंचे से गोली चलाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि डांस करते युवकों से तमंचे से गोली नहीं चल रही थी तभी सुरेंद्र ने तमंचा ले लिया और सुमित को गोली मार दी। सुमित की कनपटी में गोली लगकर अंकित के चेहरे को चीरती निकल गई। जिससे अंकित भी घायल हो गया। पुलिस ने गांव के कई लोगों के बयान भी लिए हैं।
खुशियां मातम में बदलीं
पंकज कश्यप की बृहस्पतिवार को शादी थी। बुधवार रात घुड़चढ़ी बड़े धूमधाम से हो रही थी। शादी का कार्यक्रम में परिवार के लोग व्यस्त थे। सुमित की हत्या होते ही परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। वारदात के बाद पांच-छह लोग दूल्हे के साथ जाकर शादी करके दुल्हन को ले आए। इस वारदात के बाद से खिवाई में तनाव के हालात है। आरोपी के घर पर पुलिस ने पहरा लगाया है। पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों में वारदात को लेकर गुस्सा है। एहतियात के तौर पर फोर्स लगा दी है।
पुरानी रंजिश या हर्ष फायरिंग
पीड़ित परिवार का कहना है कि 30 साल की मामूली बात पर हुई पुरानी रंजिश में सुमित की सुरेंद्र ने हत्या की है। पुलिस ने इसी शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि यह हत्या हर्ष फायरिंग में हुई है। घुड़चढ़ी के दौरान गोली चली है। पुलिस सभी बिंदु पर जांच करने में लगी है। पीड़ित परिवार के अलावा घटनास्थल पर 50 से अधिक लोग मौजूद थे। पुलिस सभी लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर चार्जशीट दाखिल करेंगे।
आखिर कब रुकेगी हर्ष फायरिंग
शादी समारोह, बर्थडे पार्टी या फिर खुशी के मौके पर हर्ष फायरिंग पर हाईकोर्ट ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर हर्ष फायरिंग हुई तो थानेदार जिम्मेदार होंगे। इसके बावजूद हर्ष फायरिंग पर पुलिस लगाम नहीं लगा पर रही। सरधना में 2019 में गोवर्धन पूजा के दौरान एक फौजी को गोली लगने से मौत हुई थी। रोहटा में 2018 में घुड़चढ़ी के दौरान एक युवक की और 2020 में जानी में चढ़त के दौरान एक बालक की मौत हो गई थी। इनके अलावा भी जिले में हर्ष फायरिंग से कई लोगों की जान जा चुकी है।