मेरठ। कॉमर्शियल वाहन अब पूरी तरह सरकारी व्यवस्था के नजर में रहेंगे। अगर कोई वाहन किसी स्थान पर यातायात नियमों का उल्लंघन करके फरार हो जाता है तो वह अब सरकारी शिकंजे से बच नहीं पाएगा। इतना ही नहीं अगर कोई वाहन चोरी हो जाता है तो उसको तलाशने में आसानी होगी। वाहन में लगी व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के माध्यम से पकड़ा जाएगा।
इसके लिए अब उप्र में सभी कॉमर्शियल वाहनों में ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड 140 मानक के व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और आपातकालीन सहायता बटन लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसकी अनिवार्यता के लिए उप्र सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। नया साल यानी एक जनवरी से यह आदेश प्रभावी माना जाएगा। यह आदेश प्रदेश के नए और पुराने दोनों तरह के वाहनों पर लागू होगा। सरकार ने इस नियम से दोपहिया, ई-रिक्शा और तिपहिया वाहनों को बाहर रखा है। इस संबंध में परिवहन विभाग के राजस्व निरीक्षक विंध्याचल गुप्ता ने बताया कि 1 जनवरी 2019 के बाद पंजीकृत होने वाले कॉमर्शियल वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन की फिटमेंट और एक्टिवेशन की प्रक्रिया को सुगम बनाने की सरकार की तैयारी है।
नए वाहनों के पंजीकरण, नवीनीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण के दौरान वाहन पोर्टल पर व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस फिटमेंट की जांच एक जनवरी 2026 से शुरू होगी। इसके अतिरिक्त, 1 अप्रैल 2026 से फिटनेस परीक्षण और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के समय भी यह जांच अनिवार्य होगी। परमिट जारी करते वाहन में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस की जांच की जाएगी।