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110 दिन से कूड़ा प्लांट नहीं चला...और ऊंचा हुआ पहाड़, लोहियानगर मार्ग बंद

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मेरठ..कंवलजीत..लोहिया नगर में कूड़े के पहाड़ पर इतना कूड़ा फैला दियागया हे की सारा कूड़ा डिवाइडर रो - फोटो : संवाद
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मेरठ। 110 दिन से लोहियानगर कूड़ा प्लांट पूरी तरह बंद है। वहां पर कूड़े का पहाड़ और ऊंचा होता जा रहा है। अब हालात यह है कि निगम की गाड़ियों ने डिवाइडर पर कचरा डालना शुरू कर दिया हैं, इसके चलते लोहियानगर मार्ग बंद हो गया है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में निगम की कार्यशैली को लेकर आक्रोश है। वहीं, एनजीटी ने कूड़ा निस्तारण न करने को लेकर निगम को जमकर फटकार लगाई है। 13 नवंबर को नगरायुक्त खुद एनजीटी कोर्ट में प्रस्तुत होकर सर्टिफिकेट दें। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लगाए गए पांच करोड़ रुपये का जुर्माना निगम से दिलवाने की बात डीएम के लिए कही।
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लोहियानगर कूड़ा निस्तारण का अनुबंध निगम और एक प्राइवेट कंपनी के साथ था। जिस पर निगम प्रतिमाह 20 लाख रुपये कंपनी को और उपकरण मुहैया कराया हुआ था। करीब नौ महीने पहले नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने कूड़ा प्लांट पर खाली बेल्ट घुमाने का खुलासा किया था। कई महीने तक कंपनी के साथ नगर निगम का पत्राचार चला, निलंबन के बाद भुगतान से कटौती हुई और सुधार न होने पर कंपनी को निरस्त किया गया। निगम के अभिलेखों में एक मई 2025 से कूड़ा प्लांट पूरी तरह से बंद हैं। कूड़ा प्लांट चलाने के लिए बिना अनुबंध के एक कंपनी की बातचीत निगम से हुई, लेकिन वह भी 110 दिन से महज खानापूर्ति करने में लगी हुई है। हालात यह है कि रोजाना शहर से करीब 1200 मैट्रिक टन कचरा निकल रहा है और निगम उसका निस्तारण करने में पूरी तरह से फेल साबित हो गया। लोहियानगर में लगातार कूड़ा भेजा जा रहा है। वहां पर कूड़े के पहाड़ की ऊंचाई बढ़ती जा रही है। अब तो निगम ने कूड़ा प्लांट के बराबर में लोहियानगर गांव में जाने वाले मार्ग पर कचरा डालना शुरू कर दिया। डिवाइडर पर कचरा डालने के चलते मार्ग प्रभावित हो गया और लोगों की आवाजाही बंद हो गई है। इसको लेकर लोगों में निगम के प्रति आक्रोश है। स्थानीय पार्षद आशीष चौधरी का कहना कि कूड़े का निस्तारण न होने चलते बीमारियां फैल रही हैं। लोगों की मौत तक संक्रमण के चलते हुई हैं। इसकी शिकायत निगम में कर चुका, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है।

निगम की कार्यशैली पर एनजीटी नाराज, अभिलेखों से संतुष्ट नहीं
मेरठ। एनजीटी कोर्ट में सोमवार को निगम द्वारा कूड़ा निस्तारण के मामले में करीब 40 मिनट सुनवाई की। शिकायतकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि एनजीटी ने सुबह 11:55 पर निगम के मामले में सुनवाई की है। इसमें निगम पक्ष के वकील को सुना। इसके बाद नगर आयुक्त से 13 नवंबर की अगली तारीख निर्धारित की। नगर आयुक्त से एफिडेविड के साथ दस्तावेज प्रस्तुत व डीएम को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निगम से 5 करोड़ का जुर्माना दिलवाने की बात कही। जून 2011 से जून 2025 तक प्रतिदिन कूड़ा निस्तारण की जानकारी दें। एनटीपीसी द्वारा गांवड़ी में कूड़ा प्लांट लगाने की जानकारी भी मांगी है। बता दें कि महानगर का कूड़ा निस्तारण करने में निगम फेल है, इसकी शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने एनजीटी में की हुई है। एनजीटी में यह मामला अभी विचाराधीन है। एनजीटी ने एक कमेटी बनाकर एक साल पहले जांच तक कराई है। निगम द्वारा कराए कार्यों के अभिलेखों को एनजीटी कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम पर एक साल पूर्व पांच करोड़ का जुर्माना लगाया था। इसकी आरसी जारी हो गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अभी जुर्माने की रकम नहीं मिली, इसको लेकर भी एनजीटी ने नाराजगी जताई। सोमवार को एनजीटी कोर्ट में इसको लेकर सुनवाई हुई।
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