मेरठ। उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य है। सरकार किसानों को सुनिश्चित दुग्ध बाजार और स्थायी आय प्रदान कर रही है। विभाग गो से ग्राहक तक की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। डेयरी उद्योग उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
दुग्ध विकास अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने मंगलवार को चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय में डेयरी कॉन्क्लेव में यह बात कही। उन्होंने बताया कि स्वदेशी नस्ल के गोपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विकास हो रहा है। दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने कहा कि डेयरी क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसके लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2022 लागू की गई है। विभाग ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक के 796 समझौते किए हैं, जिनसे 60 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-5.0 में 2000 करोड़ रुपये की 72 परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ, जिससे लगभग 4000 रोजगार बने हैं।
मिशन से किसानों को लाभ
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को 84 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। 4 हजार से अधिक प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियां बनी हैं, जिनसे लगभग 1,50,000 दुग्ध उत्पादक जुड़े हैं। विभाग दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए डेयरी सेक्टर में पूंजी निवेश आकर्षित किया जा रहा है। कार्यक्रम में पराग दुग्ध डेयरी के अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।