देवबंद सरकारी अस्पताल में जाने आलम भर्ती हुआ तो अस्पताल कर्मियों ने देवबंद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली और घटना दौराला की बताई। शनिवार को जाने आलम दौराला पहुंचा और जानकारी दी। पुलिस ने जाने आलम को साथ लेकर टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाली। साथ ही हाईवे पर मेरठ तक कैमरों की फुटेज को खंगाला गया।
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पुलिस का कहना है कि युवक बार-बार बयान बदलता रहा। बाकी पैसों के बारे में पूछा तो युवक ने बताया कि बाकी के पैसे उसने अपने भाई को दे दिए थे। थाना प्रभारी रमाकांत पचौरी का कहना है कि युवक झूठ बोल रहा है। सीसीटीवी कैमरों में भी ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। कार चलाने के दौरान युवक के स्वयं पैर में गोली लगी होगी। जिस कारण उसने पुलिस को सूचना नहीं दी। मामले की जांच की जा रही है। बताया कि पीड़ित ने इस संबंध में कोई तहरीर नहीं दी है।