मेरठ-हापुड़ रोड पर वाहन दौड़ने का दावा गलत
खरखौदा। राष्ट्रीय राजमार्ग 235 पर मेरठ से हापुड़ के बीच में निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हालांकि अक्तूबर में मेरठ से हापुड़ के बीच में वाहन दौड़ने लगेंगे यह दावा गलत साबित हुआ। गांव कैली बाईपास पर बनाए जाने वाले जंक्शन पर अभी गार्डर रखने का काम शुरू हुआ है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 235 पर मेरठ से बुलंदशहर तक अक्तूबर में कार्य पूर्ण होना था। पूरे राजमार्ग में कई जगह पर क्षेत्रीय लोगों की मांग पर कई बदलाव किए गए। जिस कारण समय आगे बढ़ सकता है। प्रोजेक्ट को कंपनी पूरा नहीं कर सकती, लेकिन मेरठ से हापुड़ तक का निर्माण अक्तूबर में पूरा कर उस पर वाहन दौड़ाने की बात कहा रही है। हालांकि अभी सभी बाईपास के दोनों छोरों पर कट व तिराहों पर कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। वहीं, हापुड़ से मेरठ के बीच में अभी क्रास बैरियर भी नहीं लगे हैं। गांव कैली में बाईपास पर बने पुल पर अभी गार्डर रखने का कार्य शुरू किया गया है। बाईपास के दोनों ओर करीब 100-100 मीटर की सर्विस रोड अभी नहीं बन पाई है। हालांकि पुल पर गार्डर रखने के बाद भी निर्माण के लिए ही करीब दो माह का समय लगेगा। वहीं, इसी पुल के समीप ऊंचे बाईपास को हाईटेंशन लाइन भी क्रास कर रही है। जिसकी हटाने या इसकी ऊंचाई बढ़ाने के लिए अभी कोई प्रक्रिया नहीं हो पाई है। वहीं, हापुड़ से पहले रेलवे के पुल पर भी अभी कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसके साथ मेरठ से हापुड़ के बीच में कई स्थानों पर राजमार्ग पर फूल वाले पौधे भी रोपे गए हैं। वहीं, राजमार्ग पर बिजली के प्रबंध के लिए केबल बिछा दिया है। इसके बाद भी इस माह में कार्य पूर्ण होने के आसार नहीं लग रहे हैं।
राजमार्ग पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हापुड़ से मेरठ के बीच के कार्य को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें अभी समय लग सकता है।-एसके मिश्रा, प्रशासनिक मैनेजर निर्माण कपंनी।